रायपुर , मई 24 -- अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर छत्तसीगढ़ के बलौदाबाजार वनमंडल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों एवं अभयारण्य क्षेत्रों में जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में संगोष्ठी, शपथ ग्रहण, चित्रकला प्रतियोगिता, सीड बॉल निर्माण, पौधरोपण तथा जन-जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से आमजन को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने रविवार को कहा कि जैव विविधता केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने हेतु समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं और बच्चों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना आवश्यक है।
बल्दाकछार एवं सोनाखान परिक्षेत्र के परसदा (ठाकुरदिया) और कोशमसरा में आयोजित संगोष्ठियों में जैव विविधता प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों, ग्रामीणों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव, वन्यजीवन संरक्षण और वृक्षों के महत्व पर चर्चा की गई।
बलौदाबाजार परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. एकता कर ने ग्रामीणों को जैव विविधता संरक्षण की शपथ दिलाई। ग्राम अर्जुनी स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता एवं सीड बॉल निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इसी तरह बारनवापारा अभयारण्य अंतर्गत ग्राम हरदी में आयोजित कार्यशाला में मानव-वन्यप्राणी द्वंद्व नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। देवपुर नेचर कैंप में शपथ ग्रहण, सीड बॉल निर्माण और सघन पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में अभयारण्य अधीक्षक कृषानू चन्द्राकार, परिक्षेत्र अधिकारी रूपेश्वरी दीवान, देवपुर परिक्षेत्र अधिकारी संतोष पैंकरा, महिला स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय समितियों की सक्रिय भागीदारी रही।
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