मोहाली , जुलाई 25 -- पंजाब के मोहाली बलौंगी थाना पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गयी है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आरोप लगाया है कि मामूली विवाद के बाद तीन युवकों को थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा गया उनसे नकदी की मांग की गयी और घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचने पर भी उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
बसपा के प्रदेश सचिव हरभजन सिंह बजहेड़ी, जिला अध्यक्ष हल्का दास धालीवाल और अन्य नेताओं ने बताया कि 18 जुलाई की रात अजय और उसका चचेरा भाई कैलाश बलौंगी सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने गये थे। इस दौरान एक रेहड़ी चालक से कहासुनी हो गयी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को बलौंगी थाने ले गयी।
पीड़ितों का आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गयी। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी ज्वेलरी, मोबाइल फोन और अन्य सामान अपने कब्जे में ले लिया। आरोप है कि उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गयी और परिजनों से 16 हजार रुपये लेने के बाद रात करीब दो बजे उन्हें छोड़ा गया।
पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के लिए खरड़ के सिविल अस्पताल पहुंचने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं दी गयी। बसपा का आरोप है कि अस्पताल में हुई लापरवाही पुलिस की मिलीभगत से हुई।
हरभजन सिंह बजहेड़ी ने मांग की कि पीड़ितों से लिये गये 16 हजार रुपये वापस किये जायें, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाये और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाये। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी बुधवार को पुलिस के खिलाफ संघर्ष करेगी।
इस मामले में संपर्क किये जाने पर डीएसपी ईशान सिंगला ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि खरड़ अस्पताल के डॉक्टरों का आरोप है कि पीड़ितों ने अस्पताल में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जबकि कॉलोनी के लोगों की ओर से आरोप लगाया गया है कि अजय और कैलाश ने बदसलूकी की थी।
डीएसपी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह पुलिसकर्मी ही क्यों न हो। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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