बैतूल , अगस्त 03 -- भारतीय किसान संघ ने प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित बलराम महोत्सव में शामिल नहीं होने का निर्णय लेते हुए आरोप लगाया है कि किसानों की मूलभूत समस्याओं का समाधान किए बिना ऐसे आयोजन करना उचित नहीं है।

संघ के जिला अध्यक्ष मनोज नावंगे ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है, लेकिन प्रदेश के किसान बिजली संकट, खाद की कमी और उपज बिक्री जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास दिखाई नहीं दे रहे हैं।

भारतीय किसान संघ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती के कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। संगठन का कहना है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए आवेदन, धरना-प्रदर्शन और आंदोलन तक करना पड़ रहा है तथा कई मामलों में उन्हें भोपाल तक पैदल मार्च करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

संघ ने जिले के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में सत्तारूढ़ दल के पांच विधायक, एक सांसद तथा केंद्र सरकार में मंत्री होने के बावजूद किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित पहल दिखाई नहीं दे रही है।

भारतीय किसान संघ ने बताया कि बलराम महोत्सव के लिए संगठन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन जिला इकाई ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। संगठन का कहना है कि जब किसान संकट में हों, तब उत्सव मनाना उनकी समस्याओं की अनदेखी के समान है। इसी कारण संगठन का कोई भी पदाधिकारी, कार्यकर्ता अथवा किसान साथी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।

संघ ने सरकार से बिजली, खाद और उपज बिक्री से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो भविष्य में आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

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