भोपाल , जुलाई 19 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को झाबुआ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 के अंतर्गत ऑनलाइन माध्यम से किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा आधुनिक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सामान्य से कम वर्षा की संभावना के मद्देनजर प्रशासन को किसानों की सहायता के लिए पूरी तैयारी के साथ तत्पर रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में "कृषक कल्याण वर्ष" के अंतर्गत बलराम कृषि महोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत इंदौर से हुई है। महोत्सव के अगले चरण 21 जुलाई को अलीराजपुर, 23 जुलाई को बड़वानी, 25 जुलाई को खरगौन, 27 जुलाई को बुरहानपुर और 30 जुलाई को खंडवा में आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों को तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को मात्र पांच रुपये में बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं तथा डेयरी विकास के लिए 40 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 33 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह, प्राकृतिक खेती तथा जल संरक्षण के उपाय अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक खेती के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत झाबुआ जिले में 50 कृषि सखियों का चयन किया गया है तथा जिले में लगभग 3,125 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है।
उन्होंने कहा कि "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के अंतर्गत कड़कनाथ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में जिले में एक हजार से अधिक नए हितग्राही कड़कनाथ पालन से जुड़े हैं। पशुपालन, डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी किसानों की नियमित आय का मजबूत आधार बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ-2026 में झाबुआ जिले में अब तक 23 हजार 230 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि धार जिले के बदनावर स्थित पीएम मित्रा पार्क से झाबुआ के कपास उत्पादकों को "खेत से कारखाने" तक की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि झाबुआ जिले में 2,812 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती हो रही है और लगभग 1.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। पेटलावद स्थित टमाटर प्रसंस्करण इकाई तथा सोलर ड्रायर यूनिटों के माध्यम से टमाटर का मूल्य संवर्धन किया जा रहा है और यहां का उत्पादन देश के विभिन्न राज्यों में भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना पूरी होने पर लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और करीब 50 हजार किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल कृषि सेवाओं, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट सिंचाई तथा शासन की विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। यह महोत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 13 नवंबर तक आयोजित होगा।
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