बलरामपुर/रामानुजगंज , मार्च 12 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत मालिक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कुसमी विकासखंड के त्रिपुरी गांव के सरना टोली स्थित दुर्गम पहाड़ी इलाके में करीब दो एकड़ में की जा रही इस खेती का भंडाफोड़ मंगलवार को हुआ था। प्रशासन ने मौके से अफीम के पौधों के साथ-साथ लाशा, फूल, तना और पत्तियों को जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत चार करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह क्षेत्र झारखंड से सटा हुआ है और अत्यधिक संवेदनशील है। सूचना मिलते ही राजस्व, वन और पुलिस की संयुक्त टीमों का गठन कर सर्चिंग अभियान चलाया गया। शाम होने के कारण औपचारिक जब्ती और विधिवत कार्रवाई बुधवार सुबह की गई। फिलहाल खेतों की सुरक्षा के लिए जवानों को तैनात कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।

इस कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है। दुर्ग जिले में पकड़ी गई अफीम के बाद दूसरी खेती में भी भाजपा से जुड़े नेता शामिल हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के संरक्षण के बिना इस तरह का नशे का कारोबार नहीं चल सकता। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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