इटावा , जनवरी 16 -- दुनिया भर में प्रवासी पक्षियों के सबसे बड़े आशियाने के रूप में लोकप्रिय उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित चंबल सेंचुरी में पहुंचे प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर पशुपालन विभाग और सेंचुरी के विशेषज्ञों ने विभिन्न स्थानों के बीच से अधिक नमूने लिए हैं।
सभी नमूनों को बरेली स्थित आईवीआरआई केंद्र जांच के लिए भेजा है और जांच रिपोर्ट आने के बाद पशुपालन विभाग और सेंचुरी विभाग संयुक्त रूप से बर्ड फ्लू को लेकर के कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने शुक्रवार को बताया कि निदेशक रोग नियंत्रण एंव प्रक्षेत्र पशुपालन विभाग लखनऊ के निर्देशन में इटावा के भरेह संगम पर पशुपालन व सेंचुरी विभाग की संयुक्त टीम ने जंगली और प्रवासी पक्षियों के फ्रेश,फ्रेशल,ड्रॉपिंग के नमूनों लिए है जिनको जांच के लिए आईवीआरआई केंद्र प्रयोगशाला बरेली भेजा गया है। करीब 20 की संख्या में विभिन्न स्थानों से प्रवासी और जंगली पक्षियों से जुड़े हुए नमूने लिए गए हैं।
श्री कुमार ने बताया कि ये नमूने आमतौर पर यह पता लगाने के लिए कि क्या पक्षियों की आबादी में कोई नया या खतरनाक वायरस तो नहीं फैल रहा है। पक्षियों के स्वास्थ्य और रोगों के प्राकृतिक इतिहास को बेहतर ढंग से समझने के लिए इन नमूनों को विशिष्ट प्रयोगशाला बरेली में भेजा जाया गया है। सेंपल लेने गई टीम के मुताबिक चंबल तलहटी में आए विदेशी मेहमान पूर्णता सुरक्षित है। यह रूटीन जांच के रूप में प्रति माह सेंपल बरेली प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे।
गौरतलब है कि जंगली व प्रवासी पक्षियों की जाँच आमतौर पर एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) जैसे रोगों की निगरानी और पहचान के लिए की जा रही है। यह एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य और वन्यजीव संरक्षण का रूटीन कार्य है। दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने पेट्रोल बोट से चंबलनदी का सफर किया। प्रवासी पक्षियों को नजदीक से निहारते हुए उनके ठिकानों से फ्रेश,फ्रेशल,ड्रॉपिंग के 20 नमूने लिए है।
चंबल सेंचुरी के रेंजर के.के.त्यागी ने बताया कि चंबल सेंचुरी में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते सेंचुरी और पशुपालन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से प्रवासी पक्षियों और उससे जुड़े हुए स्थान के नमूने लिए गए हैं 20 की संख्या में लिए गए नमूनों को परीक्षण के लिए आईवीआरआई बने केंद्र जांच के लिए भेजा है।
उन्होंने बताया कि परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद पशुपालन विभाग और सेंचुरी अफसर संयुक्त रूप से स्थलीय प्रकिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग और सेंचुरी विभाग की संयुक्त यह कार्रवाई बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर की गई है,इस कार्यवाही के तहत बरेली स्थित आईवीआरआई केंद्र से रिपोर्ट आने के बाद पशुपालन विभाग और सेंचुरी विभाग के अफसर संयुक्त रूप से कार्रवाई को सुनिश्चित करेंगे।
चंबल सेंचुरी में बड़ी संख्या में मेहमान पक्षियों की आवक होती है। नवंबर से विदेशी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। यह पक्षी हजारों किलोमीटर दूर से चंबल नदी में प्रजनन की अनुकूलता के चलते आते हैं। सेंचुरी में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका तथा म्यांमार से विदेशी पक्षी आते हैं। 425 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली इस सेंचुरी में हवासीर (पेलिकन), राजहंस (फ्लेमिंगो), समन (बार हेडेटबूल) जैसे विदेशी पक्षी आकर्षक का बड़ा केंद्र बने हुए है।
साइबेरिया, रूस, मलयेशिया से हजारों मील की दूरी तय करके विदेशी पक्षी चंबल सेंचुरी के सहसों, भरेह, पचनद, लालपुरा, बंसरी, पाली, छिबरौली, पथर्रा, बबाइन पुल, खेड़ा अजब सिंह में पहुंचे हुए है। साइबेरियन पक्षी सात समुंदर पार से लगभग 2000 किलोमीटर का सफर तय कर यहां आते हैं। इस दूरी को तय करने में उन्हें करीब एक महीने का समय लगता है।
रूडी शेलडक, पेंटेड स्टॉर्क, विसलिंग टील, ब्लैक आइबिस, बार हेडेड गूज, ब्लैक नेक्ड स्टॉर्क, प्लेसिस गल, टेल टिंगो, काबोर्नेट आदि पक्षियों आकर्षक अपने आप में अद्भुत माना जाता है।
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