बरेली , जुलाई 4 -- उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी-2026) के दौरान बरेली के साहू गोपीनाथ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध मिलने पर जांच की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि वह दो अलग-अलग नामों और जन्मतिथियों का इस्तेमाल कर विभिन्न परीक्षाओं में शामिल हो रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।

अपर जिलाधिकारी (नगर) अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक जांच में अभ्यर्थी के दस्तावेजों में विसंगति पाई गई। परीक्षा अभिलेखों में उसका नाम मनोज कुमार और जन्मतिथि वर्ष 1986 दर्ज थी, जबकि आधार कार्ड पर नाम आदेश कुमार और जन्मतिथि 1996 अंकित थी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका वास्तविक नाम मनोज कुमार है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उम्र सीमा पार होने के बाद उसने आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि बदलवाकर दोबारा प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने का प्रयास किया। आरोपी मूल रूप से फर्रुखाबाद का निवासी है। जांच में यह भी पता चला कि उसने मनोज कुमार नाम से बीएड की डिग्री प्राप्त की, जबकि आदेश कुमार नाम से अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों को आशंका है कि उसने सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की पात्रता बनाए रखने के उद्देश्य से फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया।

एडीएम सिटी ने बताया कि परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस आधार कार्ड में हुए बदलाव, शैक्षणिक अभिलेखों तथा पूर्व में दी गई प्रतियोगी परीक्षाओं की भी जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने फर्जी पहचान के आधार पर अन्य सरकारी भर्तियों या परीक्षाओं में भी भाग लिया था या नहीं। फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

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