बरेली , अगस्त 12 -- उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑनलाइन दवा कारोबार में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बुधवार को सुभाषनगर क्षेत्र में ब्लिंकिट से जुड़े मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। जांच के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय अभिलेख, लाइसेंस और भंडारण व्यवस्था में कई अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने संबंधित फर्म के दवा क्रय-विक्रय पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी। सहायक आयुक्त (औषधि), बरेली मंडल संदीप कुमार के निर्देश पर औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने मेसर्स मूनस्टोन वेंचर एलएलपी, अपर ग्राउंड फ्लोर, नेकपुर, थाना सुभाषनगर स्थित मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की। जांच के दौरान पंजीकृत फार्मासिस्ट विजय कुमार की मौजूदगी में दस्तावेजों और दवाओं का सत्यापन किया गया।
विभाग के अनुसार, स्टॉक में रखी एलोपैथिक दवाओं में पांच औषधियों की मात्रा अभिलेखों से अलग मिली। बिक्री बिलों पर लाइसेंस के फॉर्म-21 का उल्लेख नहीं था और फर्म का पता भी सही नहीं पाया गया। बिलों पर चिकित्सक का पंजीकरण नंबर दर्ज नहीं था तथा शेड्यूल एच-1 रजिस्टर भी अद्यतन नहीं मिला।
जांच में एक्सपायरी दवाओं के अलग रखरखाव की व्यवस्था नहीं मिली। दवाओं के लेबल और अन्य अभिलेखों में भी कमियां पाई गईं। कंप्यूटर सिस्टम में दवाओं की बैच संख्या के आधार पर प्रविष्टियां नहीं थीं। इसके अलावा तापमान नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक दवाओं के लिए फ्रिज का निर्धारित तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान फ्रिज में दवाओं के बजाय छाछ का पैकेट रखा मिला।
अधिकारियों ने संबंधित अभिलेख तलब किए तो संचालक द्वारा संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा सकी। विभाग के मुताबिक पूछताछ में फर्म का संचालन दिल्ली से किए जाने और स्थानीय कारोबारियों से दवाओं की आपूर्ति लिए जाने की जानकारी सामने आई। बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवा बिक्री किए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
औषधि विभाग ने अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए बिलिंगकिट से संबंधित ऑनलाइन दवा कारोबार और दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। अधिकारियों ने कहा कि जांच में सामने आए तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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