बैतूल , अप्रैल 5 -- मध्यप्रदेश के बैतूल-इटारसी क्षेत्र के लिए रविवार का दिन महत्वपूर्ण उपलब्धि लेकर आया, जब राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के बरेठा घाट से गुजरने वाले 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को फोरलेन बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दी गई इस स्वीकृति से क्षेत्र में विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। इस निर्णय पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इटारसी-बैतूल सेक्शन लंबे समय से आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की प्रतीक्षा में था और अब इस परियोजना से विकास को नई गति मिलेगी। वहीं हेमंत खंडेलवाल ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस मंजूरी के लिए निरंतर प्रयास किए गए थे।

बरेठा घाट क्षेत्र अपनी भौगोलिक संरचना और घने जंगलों के कारण चुनौतीपूर्ण माना जाता है। संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और भारी वाहनों का दबाव यहां दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण रहे हैं। फोरलेन निर्माण से यातायात सुगम होने के साथ हादसों में कमी आने की उम्मीद है।

परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। टाइगर कॉरिडोर होने के कारण यहां 11 आधुनिक अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, जिससे जंगली जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र कृषि और खनिज संपदा से समृद्ध है, जहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और सीसा-जस्ता जैसे संसाधन उपलब्ध हैं। सड़क उन्नयन से इनके परिवहन में आसानी होगी और उद्योग-व्यापार को लाभ मिलेगा।

परियोजना पूर्ण होने के बाद ग्वालियर से बैतूल तक का मार्ग फोरलेन में परिवर्तित हो जाएगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क सुदृढ़ होगा। बैतूल-नागपुर मार्ग भी देश के महत्वपूर्ण आर्थिक मार्गों में शामिल होगा। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर मिलेगा। साथ ही माल परिवहन की लागत घटने से व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

पर्यटन क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। फोरलेन बनने के बाद माधव नेशनल पार्क, रातापानी अभयारण्य और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच अधिक आसान हो जाएगी, जिससे इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

हालांकि, परियोजना के कुछ हिस्सों पर पूर्व में न्यायालय की रोक के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका था, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। कानूनी अड़चन दूर होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

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