वाराणसी , अगस्त 09 -- विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की अनुपम झलक देखने को मिली।
बरेका स्थित सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जो कुंदन तिराहा एवं सूर्य सरोवर मार्ग से होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। वहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक गीत-संगीत और लोकनृत्यों ने पूरे वातावरण को उत्साह एवं सांस्कृतिक गौरव से भर दिया। मार्ग में लोगों ने भी शोभायात्रा का स्वागत किया।
पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं, प्रकृति के प्रति उनके गहरे जुड़ाव तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उसके संवहन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी बरेका राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी तथा आदिवासी परिवार समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में आदिवासी महिला समिति, बरेका की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, कर्मचारियों, उनके परिजनों तथा स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।
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