चंडीगढ़ , जुलाई 23 -- कांग्रेस विधायक एवं सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) अधिकारी बलविंदर सिंह धालीवाल ने बरनाला में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे सफाई सेवकों पर पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने इसे अमानवीय बताया और कहा कि इस घटना ने आम आदमी पार्टी सरकार की मजदूर विरोधी मानसिकता और तानाशाही रवैये को उजागर कर दिया है।
गुरुवार को जारी बयान में श्री धालीवाल ने बरनाला घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने घायल सफाई कर्मचारियों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनकी यूनियनों के साथ बिना किसी देरी के वार्ता शुरू कर उनकी जायज मांगों का समाधान करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जिन सफाई कर्मचारियों के कंधों पर शहरों और कस्बों की स्वच्छता की जिम्मेदारी है, आज वही अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने और पुलिस की लाठियां खाने को मजबूर हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन पंजाब में आवाज उठाने वालों को बातचीत के बजाय पुलिस बल का सामना करना पड़ रहा है।
श्री धालीवाल ने लाठीचार्ज के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों के घायल होने की खबरों पर भी चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर इस प्रकार बल प्रयोग किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों, मजदूरों और आम लोगों के हितों की रक्षा के बड़े-बड़े वादे किये थे, लेकिन आज बेरोजगार युवा, ठेका कर्मचारी, मनरेगा कर्मी, किसान और अब सफाई सेवक भी सरकार के दमन का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार समस्याओं का समाधान संवाद के बजाय पुलिस बल के माध्यम से करना चाहती है।
श्री धालीवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा मजदूरों, कर्मचारियों और मेहनतकश वर्ग के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके सम्मान, अधिकारों तथा न्याय के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।
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