कोलकाता , फरवरी 24 -- पश्चिम बंगाल की कोलकाता और अन्य अदालतों में उस समय दहशत फैल गई जब जजों को गुमनाम ईमेल मिले जिनमें अदालत परिसर के अंदर बम धमाके होने की चेतावनी दी गई थी।

इस सिलसिले में पहला अलर्ट तब आया जब अदालत की कार्रवाई चल रही थी, जब जज को एक ईमेल मिला जिसमें दावा किया गया था कि जल्द ही धमाका होगा। इस संदेश के बाद तुरंत सतर्कता बरती गयी।

पश्चिम बर्दवान, हुगली के चिनसुराह, कोलकाता के बैंकशॉल कोर्ट और मुर्शिदाबाद जिला अदालत को ऐसे ही धमकी भरे ईमेल मिलने की खबर मिली, जिससे अदालत को खाली कराकर आपातकालीन सुरक्षा उपाय करने पड़े। पुलिस टीमों ने खोजी कुत्तों के साथ अदालत परिसरों की अच्छी तरह से तलाशी ली । अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है।

पहली घटना पश्चिम बर्दवान जिला और सत्र अदालत में हुई, जहां मुख्य न्यायाधीश को सुबह करीब 11 बजे एक ईमेल मिला जिसमें कहा गया था कि परिसर में एक बम रखा गया है और दोपहर 1 बजे उसमें धमाका होगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जगह की तलाशी ली लेकिन वहां कुछ भी नहीं मिला।

इसके तुरंत बाद कोलकाता में सिटी सिविल और सत्र अदालत और दुर्गापुर की अदालत को भी ऐसे ही ईमेल मिले, जिसके कारण और लोगों को निकाला गया और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई। हुगली जिले के चिनसुरा अदालत में जिला जज को एक ईमेल भेजा गया जिसमें आरडीएक्स ब्लास्ट होने की चेतावनी दी गई थी। मामले की सूचना तुरंत पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को दी गई। चंदननगर पुलिस आयुक्त कार्यालय की विशेष शाखा ने मेटल डिटेक्टर से जांच की और पूरे परिसर में निगरानी बढ़ा दी, लेकिन कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली।

मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने न्यायपालिका के सदस्यों को सुरक्षा देने का वादा किया। एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अदालतें बिना किसी रुकावट के अपना काम कर सकें, यह सुनिश्चत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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