बदायूं , अप्रैल 20 -- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र से विवाह समारोह के दौरान अपहृत एक वर्षीय मासूम बच्चे को पुलिस ने दो दिन के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम को 50 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि 15/16 अप्रैल की रात इस्लामनगर क्षेत्र स्थित एक मैरिज हॉल से शादी समारोह के दौरान एक वर्षीय बालक सौरभ लापता हो गया था। सीसीटीवी फुटेज में एक महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दी थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार के चालक मुनेश को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि मुख्य आरोपी खुशबू, जो पेशे से नर्स है, विवाह समारोह में महिलाओं के बीच पहुंची और जयमाला कार्यक्रम के दौरान कमरे में सो रहे बच्चे को उठाकर ले गई।
इसके बाद आरोपी बच्चे को लेकर आगरा पहुंचे, जहां खुशबू के रिश्तेदार दिनेश के माध्यम से निसंतान दंपत्ति सोनू और उसकी पत्नी बबली को 70 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया गया। इस सौदे के एवज में 20 हजार रुपये अग्रिम भी लिए गए थे। पुलिस के अनुसार खुशबू ने अस्पताल में कार्यरत होने का लाभ उठाकर बच्चे के फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का भी आश्वासन दिया था।
पुलिस टीम ने दिनेश और खुशबू को हिरासत में लेने के बाद आगरा में छापेमारी कर सोनू के घर से अपहृत बालक सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से बबली और उसकी रिश्तेदार पूजा को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में खुशबू, मुनेश, दिनेश, बबली और पूजा शामिल हैं। घटना में प्रयुक्त डिजायर कार को भी कब्जे में ले लिया गया है।
एसएसपी ने बताया कि बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है और सभी आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मामले के सफल अनावरण पर पुलिस टीम को 50 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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