बदायूं , सितंबर 8 -- उत्तर प्रदेश के बदायूं में निवेशकों से करीब 500 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में फरार चल रहे अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के दो निदेशकों को एसटीएफ की नोएडा इकाई और कोतवाली बदायूं पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस को करीब डेढ़ वर्ष से उनकी तलाश थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य के रूप में हुई है। दोनों सगे भाइयों के खिलाफ कोतवाली बदायूं में बीएनएस की धारा 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज है। उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से रकम ठगने के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, एक जुलाई 2025 को तत्कालीन डीआईजी बरेली परिक्षेत्र ने दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद भी दोनों लगातार फरार चल रहे थे।
आरोप है कि अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के माध्यम से लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर निवेश कराया गया और बाद में उनकी रकम हड़प ली गई। पुलिस के अनुसार, बदायूं, बरेली और पीलीभीत समेत कई जिलों में निवेशकों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी की गई। अकेले बदायूं में करीब 15 हजार निवेशकों के इस जालसाजी का शिकार होने की बात सामने आई है।
एसएसपी बदायूं अंकिता शर्मा ने बताया कि दोनों भाइयों के खिलाफ बदायूं और बरेली में कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने न्यायालय की शरण ली थी। अप्रैल 2026 में उच्च न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी पर लगी रोक हटाए जाने के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए थे।
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