भीलवाड़ा , अगस्त 26 -- राजस्थान में भीलवाड़ा को कभी धर्म नगरी कहा गया, कभी वस्त्र नगरी और राजनीति के लिहाज से नेता नगरी भी, लेकिन शहर की मौजूदा तस्वीर को देखकर अब 'धूल नगरी' नाम भी चर्चा में आने लगा है।
शहर की सड़कों से उड़ती धूल, जगह-जगह खुदी सड़कें, अधूरे सीवरेज काम, जलभराव, कचरेके ढेर और अतिक्रमण से आमजन परेशान हैं। हालात से नाराज लोगों का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर चुनावी मैदान तक पहुंचता नजर आ रहा है। कई इलाकों में लोगों ने आगामी निकाय चुनाव के बहिष्कार तक की चेतावनी दे दी है।
शहर के कई हिस्सों में सीवरेज और सड़क को निर्माण के नाम पर लंबे समय से काम चल रहा है। कहीं सड़कें खोदकर छोड़ दी गयीं तो कहीं मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति के आरोप लग रहे हैं। पांसल रोड क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान सड़क की ऊंचाई करीब दो से ढाई फुट तक बढ़ा दी गयी, जिससे आसपास की गलियां और मकान सड़क से नीचे हो गए। बारिश के दौरान पानी घरों में घुसने की नौबत आ जाती है। लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर बनी सड़कें बारिश में जलभराव और गर्मी में धूल की समस्या बढ़ा रही हैं।
शहर विधायक अशोक कोठारी के कार्यालय तक जाने वाला मार्ग भी सीवरेज कार्य के कारण बदहाल बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि के कार्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति ऐसी है तो शहर की अंदरूनी बस्तियों की परेशानी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
सर्किट हाउस मार्ग भी इससे अछूता नहीं है। अधिकारियों, नेताओं और मंत्रियों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर भी धूल के गुबार उड़ने की शिकायत है। एक नागरिक का कहना है कि जब अति विशिष्ट माने जाने वाले क्षेत्रों में भी हालात ऐसे हैं तो अंदरूनी कॉलोनियों की स्थिति समझना मुश्किल नहीं है।
जवाहर नगर-पांसल रोड क्षेत्र में पिछले कई महीनों से लोग परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सीवरेज लाइन डालने का काम पूरा हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन सड़क की स्थिति अब तक नहीं सुधरी। जवाहर नगर में सीवरेज लाइन डालने के बाद जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़कें राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई हैं।
लव-कुश रामशाला क्षेत्र में भी सड़क की बदहाली और धूल से लोग परेशान हैं। स्थानीय निवासियों ने कहा कि सड़क निर्माण के कारण उनके मकान सड़क से करीब एक फुट नीचे हो गये हैं। लोगों का दावा है कि धूल और बदहाल सड़क के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गयीं, लेकिन ठोस समाधान नहीं हुआ। आक्रोशित लोगों ने क्षेत्रीय विधायक को लिखित शिकायत देकर आगामीनिकाय चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
शिव मंदिर क्षेत्र के लोग भी सड़क की ऊंचाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। क्षेत्रवासी लक्ष्मीनारायण के अनुसार सड़क को करीब दो फुट नीचे खोदकर दोबारा बनाने की मांग की जा रही है, ताकि आसपास के मकानों और गलियों में पानी भरने की समस्या खत्म हो सके। लोगों का सवाल है कि जब पुरानी सड़क की ऊंचाई के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है तो बार-बार सड़क ऊंची करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा।
बाबा धाम क्षेत्र में भी सड़क को लेकर लोगों ने विरोध जताया था। विरोध के बाद वहां सड़क खोदकर सीसी सड़क बनायी गयी, जिससे लोगों को राहत मिली। दूसरे क्षेत्रों के लोगों का सवाल है कि हर जगह सड़क और मूलभूत सुविधाओं का काम कराने के लिए विरोध या आंदोलन की जरूरत क्यों पड़ती है।
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