सांगली , अगस्त 17 -- महाराष्ट्र के सांगली जिले की शिराला तहसील के बत्तीस शिराला में सोमवार को पारंपरिक नाग पंचमी उत्सव मनाया गया जिसमें विशेष अनुमति के तहत श्रद्धालुओं को 41 जीवित सांपों के दर्शन और पूजन की अनुमति दी गयी।

बत्तीस शिराला में कई वर्षों से जीवित सांपों की पूजा और शोभायात्रा के साथ नाग पंचमी मनायी जाती रही है। उच्चतम न्यायालय द्वारा 2014 में सार्वजनिक स्थानों पर जीवित सांपों की पूजा, प्रदर्शन और शोभायात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद उत्सव सीमित कर दिया गया था।

इस वर्ष केंद्रीय पर्यावरण विभाग, राज्य सरकार और वन विभाग की अनुमति के बाद प्रतीकात्मक रूप से केवल 21 ग्रामीणों को 41 जीवित सांपों के दर्शन कराने की अनुमति दी गयी। पिछले वर्ष 21 जीवित सांपों के दर्शन की अनुमति दी गयी थी, हालांकि जीवित सांपों की शोभायात्रा पर रोक जारी रही।

प्रशासन ने लोगों से नाग पंचमी पर सांपों की प्रतिमाओं की पूजा करने और जीवित सांपों का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की। प्रशासन ने चेतावनी दी कि शोभायात्रा में जीवित सांप ले जाने वालों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

श्री अंबा माता मंदिर में पुजारी ने सांप की प्रतिमा का अभिषेक और पूजन किया तथा जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अंबा माता की पालकी निकाली गयी।

उत्सव को देखते हुए बत्तीस शिराला में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया और शहर के सभी प्रवेश मार्ग बंद कर दिए गए। शोभायात्रा मार्ग और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी के लिए 20 सीसीटीवी और 15 वीडियो कैमरे लगाए गए। वन विभाग के करीब 150 कर्मचारियों को भी तैनात किया गया।

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