मिलान , अक्टूबर 24 -- इटली में बढ़ते खर्च, कम वेतन, सैन्य खर्च और सरकारी नीतियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर पिछले सप्ताह हुई हिंसा के बाद दोबारा झड़पों की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए इतालवी अधिकारियों ने शनिवार को मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात कर दिया और देश के प्रमुख शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी।
इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने किसी भी उपद्रव को रोकने के लिए मिलान में सुरक्षा बलों को मजबूत कर दिया है, जिसके तहत ड्रोन से निगरानी, रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग और त्वरित प्रतिक्रिया दलों को तैनात किया गया है। गृह मंत्री मातेओ पियान्तेदोसी ने संकेत दिया है कि पहले हुई अशांति सुनियोजित थी।
पिछले 17 और 18 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद से मिलान में हाई अलर्ट घोषित था, जिनमें शहर के केंद्र में तोड़फोड़, लूटपाट और नुकसान की घटनाएं हुई थीं। इन उपद्रवों की जांच के सिलसिले में शनिवार सुबह मिलान, मोंजा और लगभग 20 अन्य शहरों में 150 से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया। रिपोर्टों के अनुसार, जिन लोगों को निशाना बनाया गया उनमें संदिग्ध प्रदर्शनकारी, छात्र और नाबालिग शामिल थे। अधिकारी ताजा प्रदर्शनों से पहले ऑनलाइन समूहों में आदान-प्रदान किए गए संदेशों की भी जांच कर रहे हैं।
हाल ही में बने '17 अक्टूबर मूवमेंट' संगठन ने घोषणा की है कि पहले से तय किए गए प्रदर्शन स्थल रद्द कर दिए गए हैं और रैलियों से ठीक पहले नई जगहों की घोषणा की जाएगी। इस बदलाव से सुरक्षा योजना पेचीदा हो गई है, क्योंकि पुलिस को देश भर में अचानक भीड़ जुटने की आशंका सता रही है।
रोम में प्रदर्शनकारी सैन्य संलिप्तता और बढ़े हुए रक्षा बजट का विरोध करते हुए 'इटली को युद्ध से दूर रखें' के नारे के साथ एक राष्ट्रीय प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। तूरिन में छात्रों और आंदोलनकारी समूहों ने हथियारों की होड़, बढ़ते ईंधन के दामों और जीवनयापन के खर्च के खिलाफ मार्च निकालने का आह्वान किया, साथ ही आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच की मांग की।
फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल और अल्बानिया सहित यूरोप के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां अभियान चलाने वाले लोग जीवनयापन के खर्च, सार्वजनिक सेवाओं और सरकारी नीतियों पर चिंता जता रहे हैं।
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