लखीमपुर खीरी , जुलाई 26 -- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में बड़े मूल्य के बैनामों की जांच अब केवल अभिलेखों तक सीमित नहीं रहेगी। राजस्व हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शनिवार को नगर पालिका परिषद लखीमपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में पहुंचकर चार बड़े बैनामों का मौके पर निरीक्षण किया। डीएम के औचक निरीक्षण से स्टांप एवं निबंधन विभाग में हलचल मच गई।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले उप निबंधक कार्यालय के अभिलेखों का अवलोकन किया। इसके बाद सिविल लाइंस क्षेत्र में पहुंचकर चार बैनामों में दर्ज भूमि की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने भूमि के स्वरूप, निर्माण की स्थिति, क्षेत्रफल, बाजार मूल्य तथा लगाए गए स्टांप शुल्क का बारीकी से सत्यापन कराया। साथ ही नक्शों और राजस्व अभिलेखों का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान भी कराया।

निरीक्षण के दौरान सहायक महानिरीक्षक (स्टांप) अमिताभ कुमार तथा राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से सर्किल रेट, संपत्ति के मूल्यांकन और स्टांप शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बैनामों में कम मूल्यांकन, राजस्व की क्षति अथवा नियमों के उल्लंघन की आशंका हो, उनकी गहन जांच कराई जाए। प्रत्येक संदिग्ध बैनामे की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।

डीएम ने कहा कि यदि जांच में स्टांप शुल्क की चोरी, संपत्ति का गलत मूल्यांकन या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के राजस्व हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्तर पर राजस्व की हानि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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