कोण्डागांव , अप्रैल 26 -- छत्तीसगढ़ में कोण्डागांव जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा के शंकर नगर पारा में पिछले लगभग 15 दिनों से गंभीर जल संकट की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं निर्माण एवं विकास समिति के सभापति गणेश मानिकपुरी ने इस समस्या के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) तथा नगर पालिका के ठेकेदारों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
श्री मानिकपुरी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते क्षेत्र के नदी-नाले और तालाब सूख चुके हैं, वहीं लो वोल्टेज और बिजली कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे समय में शादी-विवाह के सीजन के बीच जल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ेकनेरा में नल-जल योजना वर्षों से अधूरी पड़ी है और अधिकांश घरों तक आज तक पानी नहीं पहुंच पाया है। पाइपलाइन के ज्वाइंट ठीक नहीं होने के कारण कई स्थानों पर पानी का रिसाव हो रहा है। इसके बावजूद सोलर पंप के माध्यम से सीमित रूप से पानी सप्लाई की जा रही थी।
श्री मानिकपुरी के अनुसार, कोसारटेड़ा जलाशय से कोण्डागांव तक पाइपलाइन विस्तार कार्य एवं बाखरा से शंकर नगर तक सड़क निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदारों द्वारा पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया गया। इससे पहले से कमजोर जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के ठेकेदारों और कर्मचारियों की लापरवाही तथा पीएचई विभाग की उदासीनता के कारण शंकर नगर में जल संकट गहरा गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या के समाधान की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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