बड़वानी , फरवरी 15 -- मध्यप्रदेश में बड़वानी जिले के पानसेमल सब डिवीजन के लगभग आधा दर्जन गांवों के 40 गन्ना किसानों को एआई आधारित खेती से जोड़ा गया है। यह पहल स्थानीय शुगर फैक्ट्री द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत महाराष्ट्र के बारामती स्थित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित मोबाइल एप के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। शुगर फैक्ट्री के साझेदार सचिन गोयल और पवन गोयल ने बताया कि चयनित किसानों को बारामती केंद्र पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया और जनवरी, फरवरी व जुलाई 2025 में ड्रिप सिंचाई वाले खेतों में गन्ने की बुवाई कराई गई।
एआई आधारित एप खेत की मिट्टी और पानी के नमूनों के आधार पर सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक के उपयोग का प्रबंधन करता है। यह रियल-टाइम अलर्ट भेजता है और 24 घंटे, 7 दिन तथा 15 दिन का मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराता है। बारिश या संभावित कीट प्रकोप की जानकारी मिलने पर किसानों को समय पर सलाह दी जाती है, जिससे फसल के नुकसान से बचाव होता है। एप फसल की परिपक्वता अवधि और संभावित उत्पादन का अनुमान भी लगाकर कटाई की योजना बनाने में मदद करता है।
पानसेमल स्थित शुगर फैक्ट्री के केन डेवलपमेंट अधिकारी राजेश वानखेड़े ने बताया कि इस तकनीक से किसानों को लाभ मिला है और गन्ने की कटाई मार्च से शुरू होने की उम्मीद है। बैतूल स्थित शुगर मिल के साझेदार विपिन अग्रवाल ने कहा कि एआई आधारित खेती शुरुआती चरण में है, लेकिन भविष्य में यह किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
मध्यप्रदेश शुगर मिल एसोसिएशन ने पुणे के वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के साथ समझौता कर करीब 5,000 किसानों को एआई तकनीकों का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। बैतूल जिले में अब तक 120 किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और प्रारंभिक परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।
इसी तरह बड़वानी के एक किसान परिवार के प्रोफेशनल द्वारा स्थापित एग्रीटेक प्लेटफॉर्म फार्मकार्ट देशभर में 4 लाख से अधिक किसानों को जोड़ चुका है। कंपनी का उद्देश्य वैज्ञानिक खेती की जानकारी आम किसानों तक पहुंचाना और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इस पहल की सराहना की। फार्मकार्ट के संस्थापक एवं सीईओ अतुल पाटीदार ने बताया कि कंपनी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में सक्रिय है।
फार्मकार्ट का एआई एग्रोनॉमी असिस्टेंट 'डॉ. रायचंद' भूमि रिकॉर्ड, फसल इतिहास, मिट्टी और स्थानीय मौसम के आधार पर व्यक्तिगत सलाह देता है। एआई क्रॉप ट्रैकर बुवाई से कटाई तक निगरानी करता है और कीट, रोग और मौसम संबंधी अलर्ट समय पर जारी करता है।
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