बड़वानी , जून 16 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के एक दूरस्थ आदिवासी गांव के छात्र ने 12वीं कक्षा में असफल होने के बाद निराशा पर विजय प्राप्त करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर में प्रवेश हासिल कर प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

जिले की वरला तहसील के खुटवाड़ी गांव निवासी चेतन सोलंकी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड में अनुसूचित जनजाति वर्ग में 1309वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के आधार पर उसे आईआईटी खड़गपुर में प्रवेश मिला है।

परिजनों के अनुसार वर्ष 2022 में 12वीं कक्षा में असफल होने के बाद चेतन गहरे अवसाद और निराशा के दौर से गुजरा। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों के बावजूद उसने हार मानने के बजाय दोबारा तैयारी करने का संकल्प लिया।

चेतन ने लंबे समय तक स्वयं को एक कमरे तक सीमित रखते हुए ऑनलाइन माध्यमों से अध्ययन किया। उसने महंगी कोचिंग के बजाय इंटरनेट, यूट्यूब व्याख्यानों और डिजिटल अध्ययन सामग्री की सहायता से अपनी तैयारी जारी रखी। लगातार परिश्रम के बल पर उसने पहले 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और बाद में देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त की।

चेतन ने बताया कि संघर्ष के दिनों में वर्ष 2023 में प्रदर्शित हिंदी फिल्म "12वीं फेल" से भी उसे प्रेरणा मिली। भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी मनोज कुमार शर्मा के जीवन पर आधारित इस फिल्म ने उसे यह विश्वास दिलाया कि असफलता जीवन का अंत नहीं होती और दृढ़ संकल्प से परिस्थितियों को बदला जा सकता है।

परिवार का कहना है कि अब वे उसकी 12वीं की असफलता को नकारात्मक घटना के रूप में नहीं देखते। उनका मानना है कि उसी अनुभव ने चेतन के भीतर अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की शक्ति विकसित की। परिजनों ने विश्वास व्यक्त किया कि चेतन भविष्य में एक सफल अभियंता बनने के साथ अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर सकता है।

फिलहाल चेतन अगले महीने आईआईटी खड़गपुर में अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने की तैयारी में जुटा है। एक छोटे आदिवासी गांव से निकलकर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में स्थान बनाने की उसकी कहानी क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

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