बठिंडा , जून 23 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में चयनित 665 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार की पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती नीति के कारण राज्य सरकारी नौकरियों का प्रमुख केंद्र बन रहा है और विदेशों में बसे युवा भी अब रोजगार के लिए पंजाब लौट रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में 68,268 सरकारी नौकरियां देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब सिफारिश और पैसे के दम पर नौकरी पाने का दौर खत्म हो चुका है तथा युवाओं को केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर रोजगार मिल रहा है।

श्री मान ने विदेशों में काम कर रहे पंजाबी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने प्रदेश लौटें और पंजाब के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करा रही है, जिसके कारण अब 'रिवर्स माइग्रेशन' देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, "पहले खराब व्यवस्था के कारण युवा पंजाब छोड़कर विदेशों में बस जाते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। आज कई ऐसे युवा हैं जो विदेश से लौटकर पंजाब में सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं। "मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन) पूरी होने के बाद महिला कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में तैनाती देने की व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी। इससे परिवार और नौकरी के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किये गये सुधारों के कारण पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षकों के प्रशिक्षण और आधुनिक शिक्षा पद्धति के चलते पंजाब आज देश में प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आयी थी तब पंजाब स्कूल शिक्षा में 27वें स्थान पर था, जबकि आज राज्य शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के कर से प्राप्त धन को स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च कर रही है। उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, सड़कों का विकास किया गया है और टोल प्लाजा बंद कर लोगों को राहत पहुंचाई गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई के लिए नहरों के पानी के उपयोग को 22 से बढ़ाकर 80 प्रतिशत से अधिक किया गया है। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए 14 हजार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और वाटर कोर्स बिछाये गये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत राज्य के 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किये जा रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक जुलाई से मावां-धीआं सत्कार योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिये जाएंगे।

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