, Feb. 10 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के बजरंग मनोहर सोनवाने ने कहा कि सरकार किसानों के लिए गन्ने, गेहूं आदि के लिए एमएसटी नहीं दी जा रही है और जिन फसलों पर दी जा रही है वहां एमएसपी बढ़ा नहीं रही है। ऐसा लगता है कि सरकार का इन चीजों पर ध्यान नहीं है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र बीड में स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाया और कहा कि वहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है लेकिन डाक्टरों की संख्या नहीं बढ़ी है। हमारा देश कृषि प्रधान है और इस देश के कृषकों को फायदा होना चाहिए। देश की महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना की शुरुआत की गयी है लेकिन महिलाओं की समस्याएं अपनी जगह बनी हुई है। जल जीवन योजना में उनके जिले को कोई पैसा नहीं मिला है। उनका कहना था कि इस बजट को जल्दबाजी में तैयार किया गया है और इसकी घोषणाओं से उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों को कोई फायदा नहीं है।

कांग्रेस के राहुल कस्वां ने कहा कि सरकार जो बजट विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित करती है उसकी पूरी राशि जारी नहीं हुई है क्योंकि सरकार इसे खर्च नहीं करती है। हालात यह है कि राजस्थान में सरकारी स्कूलों में दो लाख 84 हजार अध्ययन कक्षों की स्थिति जर्जर बनी हुई है। सरकार विकसित भारत की तस्वीर पेश कर रही है लेकिन हकीकत यह है कि उनके संसदीय क्षेत्र में आज भी बच्चे की पढ़ाई पेड़ों के नीचे हो रही है। सरकारी स्कूलों में लैबोटरी नहीं और सरकार शिक्षा में बराबरी की बात करती है जो पूरी तरह से गलत है। कौशल विकास योजना की बात की जाय तो बहुत कम बच्चों को प्लेसमेंट नहीं आ रही है और इसके लिए बच्चों को तैयार करने की जरूरत है। उनका कहना था कि स्कूलों में सारी सुविधायें होनी चाहिए और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। राजस्थान में पीने की पानी की व्यवस्था नहीं है, लोगों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। किसानों की बात होती है लेकिन बजट में सिंचाई की सुविधा के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बजट में राजस्थान का हिस्सा नहीं है इसलिए विकास का नारा सिर्फ नारा ही रहेगा।

भाजपा की डॉ डी पुरंधेश्वरी ने कहा है कि बजट को दीर्घावधि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अमेरिका के साथ जो व्यापारिक समझौता किया गया है उससे घरेलू श्रृंखलाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जाना चाहिए। सेमी कंडक्यर जैसे उपकरणों के निर्माण संबंधी योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपए दिये गये है। सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र में जो कदम उठाए हैं उसमें देश की प्रतिष्ठा बहुत बनी हुई है और इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। इसी तरह से दवाइयों की असुविधा से बचने और लोगों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए कई दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया गया है। भारतीय मछुआरों के लिए शीतगृह जैसी सुविधा नहीं है। चंदन किसानों की मदद आवश्यक है और सबसे बड़ी किसानों को शिक्षित करने की जरूरत है और जो छोटे किसान है उनकी विशेष मदद हो इसके लिए विशेष आवंटन किया गया है। बजट में जो कदम उठाए गये हैं उससे रोजगार के अवसर बढ़ने के कदम उठाए गये हैं। देश में महिला उद्यमियों के लिए विशेष सुविधा का प्रावधान बजट में किया गया है। इसके साथ ही हर जिले में महिलाओं के लिए एक हाॅस्टल खोलने की व्यवस्था की गयी है ताकि महिलाओं को रहने की असुविधा नहीं हो।

वाईएसआर कांग्रेस के वाई एस अविनाश रेड्डी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने कहा कि सरकार तेजी से निजीकरण कर रही है और इससे बहुत बड़ा नुकसान देश को हो रहा है इसलिए सरकार को निजीकरण रोकने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के लालजी वर्मा ने कहा कि यह सुधार बजट नहीं बल्कि उधार बजट है। उन्होंने स्वास्थ्य को देश की सबसे बड़ी समस्या बताया और कहा कि सरकार आयुष्मान योजना में इजाफा नहीं कर रही है और इस योजना का आवंटन भी कम किया गया है। इस बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। भाजपा सरकार अयोध्या के नाम पर सत्ता का लाभ उठाती रही है लेकिन उस अयोध्या के लिए इस बजट में कुछ नहीं दिया गया है।

बजट में महंगाई रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किये गये हैं। उनका कहना था कि सांसद निधि को बढाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से कहा कि कैंसर जैसी बीमारियों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए।

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