जयपुर , मार्च 22 -- राजस्थान में जल संसाधन, सिंचाई, पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की गयी है और वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं से झालावाड़ के समग्र विकास को नई गति मिलने लगी है।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने रविवार को बताया कि सिंचाई क्षेत्र के लिए हुई घोषणाओं से जिले में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। बजट में सबसे प्रमुख घोषणा छोटी कालीसिंध मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए की गई है। जिस पर लगभग 1622.74 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इसकी कुल भराव क्षमता 54.88 एमसीयूएम होगी। इस परियोजना से डग विधानसभा क्षेत्र के 31 गांवों की करीब 9727 हेक्टेयर भूमि में फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। भू-जल स्तर में सुधार एवं पेयजल उपलब्धता में भी वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ अन्नदाताओं को मिलेगा।
श्री रावत ने बताया कि तहसील झालरापाटन में चंद्रभागा नदी के जीर्णोद्धार द्वितीय चरण के लिए सात करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत नदी तट विकास, प्रदूषण नियंत्रण एवं पारिस्थितिकी पुनर्जीवन जैसे कार्य किए जाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा।
किशनसागर तालाब के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के लिए पांच करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। इस कार्य से जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। पिड़ावा क्षेत्र में सूरजकुंड एनीकट के सुधार एवं पुनर्निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे जल संरचना मजबूत होगी और क्षेत्र में जल उपलब्धता बेहतर होगी।
जिले की तहसील रायपुर में किसानों के हित में 16 करोड़ रुपये की घोषणा हुई हैं। इसमें चंवली बांध के बायीं मुख्य नहर, रायपुर डिस्ट्रीब्यूटरी एवं सुवांस डिस्ट्रीब्यूटरी से निकलने वाली माइनर्स कालीतलाई, रघुनाथपुरा, असोन्दिया, नन्दपुरा, सुवांस द्वितीय, बोरबन्द, कल्याणपुरा की आरडी 00 से टेल तक तथा दांयी मुख्य नहर से निकलने वाली माईनर्स फतेहगढ़ खिजरपुर प्रथम एवं द्वितीय माईनर आरडी 0 से टेल तक मरम्मत का कार्य कराए जाएंगे। इससे जल वितरण प्रणाली सुदृढ़ होगी और अंतिम छोर तक पानी पहुंच सकेगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि सोंधवाड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 16 माइक्रो इरिगेशन टैंक एवं एक लिंक चैनल के निर्माण की डीपीआर तैयार करने के लिए 1.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डीपीआर में विस्तृत स्थल सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण, जल ग्रहण का अध्ययन, संरचनात्मक डिजाइन, लागत आकलन एवं पर्यावरणीय पहलुओं का समावेश किया जाएगा। इससे तहसील पिड़ावा क्षेत्र की 5 ग्राम पंचायतों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण के कार्य होंगे। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और वर्षा पर निर्भरता कम करने में सहायक सिद्ध होगी।
इसके अतिरिक्त, मोरी एवं सोयला कृत्रिम जलाशयों से संबंधित परियोजनाओं के माध्यम से हजारों हेक्टेयर भूमि को दाबित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे झालावाड़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी। बजट घोषणा में मोरी कृत्रिम जलाशय की क्षमता में वृद्धि करते हुए ग्राम पंचायत कुशालपुरा एवं आगरिया के ग्रामों सहित लगभग 33 ग्रामों की लगभग 6900 हेक्टेयर भूमि को दबावयुक्त सिंचाई से जल उपलब्ध कराने के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य प्रस्तावित हैं। इसे तैयार करने की अनुमानित लागत दो करोड़ रुपये है। इससे झालावाड़ जिले का खानपुर विधानसभा क्षेत्र का बकानी क्षेत्र लाभान्वित होना प्रस्तावित है।
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