नयी दिल्ली , फ़रवरी 06 -- दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2026 का बजट न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि वैचारिक और प्रतीकात्मक रूप से भी औपनिवेशिक सोच से पूर्ण मुक्ति का संदेश देता है।
श्री सूद ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की ठोस नींव रखने वाला है। यह बजट न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि वैचारिक और प्रतीकात्मक रूप से भी औपनिवेशिक सोच से पूर्ण मुक्ति का संदेश देता है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि औपनिवेशिक सोच से मुक्ति का एक और निर्णायक कदम है। इस बार बजट राजपथ से नहीं, कर्तव्य पथ से प्रस्तुत किया गया है। इतना ही नहीं, स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है। यह अपने आप में औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति का एक सशक्त प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि कल राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को स्पष्ट और सटीक आईना भी दिखाया। उन्होंने पिछली दिल्ली सरकार की सच्चाई देश के सामने रखी एक ऐसी सरकार जो शराब नीति के नशे में डूबी हुई थी, ईमानदारी के प्रमाणपत्र बांटने वाले लोग शीशमहल में रह रहे थे। प्रधानमंत्री ने यह भी स्मरण कराया कि 2014 में जब हमारी सरकार बनी, तब भारत की अर्थव्यवस्था "फ्रैजाइल फाइव" में गिनी जाती थी। आजादी के समय भारत विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन 75 वर्षों में देश को उस स्थिति तक पहुंचाने वाले लोग आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।
श्री सूद ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था किसी एक देश के आधार पर नहीं चलती। चारों ओर युद्ध, व्यापारिक तनाव, टैरिफ और प्रतिबंधों का दौर है। ऐसे समय में आपदा को अवसर में बदलने का काम प्रधानमंत्री ने किया है। जो लोग कहते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था डूब रही है, उन्हें यह समझना चाहिए कि यदि भारत डूबती अर्थव्यवस्था होता, तो यूरोपीय संघ के देश एक साथ हमारे साथ समझौता क्यों करते ।
उन्होंने कहा कि यह बजट अंत्योदय से सर्वोदय का बजट है। इसी भावना के साथ केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली की जनता के लिए कई विशेष प्रावधान किए हैं । दिल्ली पुलिस को सुदृढ़ करने के लिए 12,846 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें 965 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर और 11,881 करोड़ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के शामिल हैं। इसके तहत एआई आधारित स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, फेस रिकॉग्निशन तकनीक, शहर-व्यापी सीसीटीवी नेटवर्क,और पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए उन्नत संचार नेटवर्क जैसे ठोस प्रावधान किए गए हैं।
श्री सूद ने कहा कि इसी प्रकार, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की गई है। दिल्ली सरकार पहले ही नरेला एजुकेशन सिटी के लिए 160 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर चुकी है। अब यह क्षेत्र शिक्षा और लॉजिस्टिक्स का बड़ा हब बनेगा और तेजी से विकसित होगा।
श्री सूद ने यह भी बताया की बजट में शहरी विकास और पावर सेक्टर में 53.5 लाख करोड़ का निवेश भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का स्पष्ट रोडमैप है। इसी के तहत शहरी विकास के लिए 85,522 करोड़ का प्रावधान दिल्ली जैसे महानगरों के कायाकल्प में अहम भूमिका निभाएगा।
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