डूंगरपुर , मई 14 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा है कि शिक्षकों को छोटे बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि उनके मानसिक विकास के लिए उन्हें प्रेरणादायक कहानियां भी सुनानी चाहिए।
श्री बागडे गुरुवार को यहां गुरुकुल संस्थान बोरी में जनजाति क्षेत्र में कौशल विकास एवं महिला सशक्तिकरण आशीर्वाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण रोजगार योजना का ध्येय ही गांव के अंतिम गरीब का उत्थान करना है। उन्होंने भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति का जिक्र करते हुए समृद्ध शैक्षिक विरासत के बारें में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने महापुरुषों के प्रेरक प्रसंगों को साझा करते हुए नैतिक मूल्यों के बढ़ावा देने पर बल दिया।
उन्होंने वीरांगना वीर बाला कालीबाई के भतीजे अमृत कलासुआ का शोल ओढ़ाकर विशेष सम्मान किया। उन्होंने वीरांगना कालीबाई की शहादत को याद करते हुए कौशल विकास में प्रशिक्षित बालिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वीर बाला काली बाई की भूमि पर बेटियों की शिक्षा के प्रति विशेष जागरूकता है।
उन्होंने गुरुकुल संस्थान के संस्थापक एवं निदेशक शरद जोशी द्वारा जनजाति क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए शिक्षा संस्थान खोलने तथा कौशल विकास एवं महिला सशक्तिकरण जैसे प्रशिक्षण प्रदान करने और क्षेत्र के विकास में योगदान देने के लिए धन्यवाद का पात्र बताया। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण प्राप्त कर आर्थिक समृद्धि से जुड़कर नई राहों का निर्माण करने तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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