हैदराबाद , जून 15 -- तेलंगाना की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री धनश्री अनसूया सीतक्का ने सोमवार को आंगनवाड़ी केंद्रों को बतौर बुनियादी शैक्षणिक संस्थान विकसित किए जाने की जरूरत पर बल देते हुए बच्चों के भविष्य को बनाने में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।
सुश्री सीतक्का ने हैदराबाद के मल्लेपल्ली और महात्मा गांधी नगर आंगनवाड़ी केंद्र में 'अम्मा माता-आंगनवाड़ी बाता' कार्यक्रम में भाग लेते हुए बच्चों के नामांकन अभियान को शुरू किया। उन्होंने बच्चों के लिए अक्षराभ्यासम करवाते हुए यूनिफॉर्म, किताबें और खिलौने बांटे तथा प्राथमिक स्कूल में जाने वाले बच्चों को विद्यारंभम प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम स्थल पर नामपल्ली के विधायक माजिद हुसैन भी मौजूद थे।
सुश्री सीतक्का ने सरकार के द्वारा पोषण, स्कूल पूर्व शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सेवा के माध्यम से बच्चों के पूरे विकास पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने माता-पिता से बच्चों का आंगनवाड़ी में नामांकन कराने की अपील करते हुए कहा कि प्राइवेट नर्सरी पर अधिक खर्च करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने आंगनवाड़ी को अब दो सेट यूनिफॉर्म, 57 तरह की पढ़ाई और खेलने का सामान, स्पेशल नर्सरी कंप्लीशन सर्टिफिकेट और बच्चों की सृजनात्मकता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने के मकसद से गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने राज्यभर के 38,000 आंगनवाड़ी केंद्रों में करीब नौ लाख बच्चों के नामांकन होने की जानकारी दी।
सुश्री सीताक्का ने भद्राद्री कोठागुडेम और आदिलाबाद जिलों में इसके सफल पायलट के बाद जलपान योजना को पूरे राज्य में बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि खिचड़ी और अंडा बिरयानी जैसे पौष्टिक खाना भी परोसा जा रहा है। उन्होंने आंगनवाड़ी शिक्षकों को अंग्रेजी का खास प्रशिक्षण मिलने की बात कही।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित