पटना, अगस्त 29 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शनिवार को कहा कि किसी भी सूरत में स्कूली बच्चों की सेहत में समझौता नही किया जायेगा और भविष्य में ताजा भोजन परोसने के लिए सुबह 09 बजे के बाद ही मध्यान्ह भोजन बनाने का काम शुरू होगा।
श्री तिवारी ने इस संबंध में सख़्त निर्देश देते हुए कहा है कि अब केंद्रीकृत रसोईघरों (सेंट्रलाइज्ड किचन) में मध्याह्न भोजन सुबह 9 बजे के बाद ही बनाया जाए, जिससे स्कूल के बच्चों को ताजा, गर्म एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने आज कटिहार और पूर्णिया के एक दिवसीय प्रवास के क्रम में शिक्षा विभाग की बैठक के दौरान मध्यान्ह भोजन से संबधित निर्देश के अलावा पूर्णिया में गुरुकुलम संस्कृत विद्यापीठ की स्थापना की बात भी कही।
श्री तिवारी ने इस दौरान शिक्षा व्यवस्था की स्थिति, विद्यालयों के संचालन, विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
शिक्षा मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि बच्चों की सेहत और पोषण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मध्याह्न भोजन बनाने वाली एजेंसियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की कार्यपद्धति, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, मात्रा तथा निर्धारित समय पर बच्चों तक भोजन पहुंचने की नियमित निगरानी की जाए। विद्यालयों में साफ-सफाई और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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