हैदराबाद , जून 19 -- तेलंगाना की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री दानसारी अनसूया सीताक्का ने कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और खुशहाली से ही यह पता चलता है कि समाज वास्तव में कितना विकास कर रहा है।

उन्होंने शुक्रवार को चंद्रायनगुट्टा निर्वाचन क्षेत्र के अरुंधति नगर में एक आंगनवाड़ी-सह-डे केयर केंद्र का उद्घाटन किया और बच्चों को पोशाक वितरित की। उन्होंने केंद्र पर बोया कॉर्पोरेशन के उपाध्यक्ष बोया नागेश और बच्चों के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के कार्यक्रम में भी भाग लिया। महिला एवं बाल कल्याण प्रधान सचिव अनीता रामचंद्रन और एसबीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रत्युष मेहरोत्रा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सुश्री सीताक्का ने इस अवसर पर कहा कि हैदराबाद शहर का पहला डे केयर केंद्र चंद्रायनगुट्टा में स्थापित किया गया है। इस केंद्र में छह महीने से तीन वर्ष की आयु के बच्चों की देखभाल की जायेगी और पोषण तथा खेल-आधारित शिक्षा प्रदान की जायेगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा कामकाजी माताओं को सुरक्षित शिशु देखभाल सेवाएं प्रदान करके लाभ पहुंचाएगी और महंगे निजी नर्सरी विद्यालयों की आवश्यकता को कम करेगी।

उन्होंने बच्चे के जीवन के पहले 1,000 दिनों को शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि सरकार गर्भावस्था से लेकर बच्चे के प्रारंभिक जीवन तक माताओं और बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम लागू कर रही है। सुश्री सीताक्का ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को निजी नर्सरी विद्यालयों के मानकों के अनुरूप बनाने के लिए पौष्टिक भोजन, पूर्व-विद्यालयी शिक्षा, पोशाक और 57 प्रकार के खिलौनों के साथ मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 61,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहले ही प्रदान की जा चुकी है। कुल एक लाख करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि "अम्माकु अक्षरमाला" कार्यक्रम के तहत छह लाख महिलाओं को साक्षर बनाया गया है।

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