पटना , अप्रैल 30 -- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में सरीसृपों के संरक्षण के लिए रेप्टाइल इन्क्यूबेशन कम इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना की तैयारी तेज हो गई है।
यह केंद्र विशेष रूप से घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुए और अन्य जलीय जीवों के संरक्षण और उनके अंडों के सुरक्षित विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
इस परियोजना के लिए चार अक्टूबर 2025 को वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर पर वाईल्डलाईफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के साथ एमओयू किया गया था। इसके बाद संस्था ने तीन एकड़ की भूमि उपलब्ध कराई थी जिसकी घेराबंदी का काम पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में वहां आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने का काम चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अगले छह महीने में यह काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गंडक नदी के किनारे स्थित यह प्रस्तावित केंद्र जैव विविधता संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल घड़ियाल और मगरमच्छ जैसी प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा, बल्कि कछुए और अन्य जलीय जीवों को भी मजबूती मिलेगी।
इस परियोजना से क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गंडक नदी के किनारे स्थित यह केंद्र पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र के रूप में स्थापित होगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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