बैतूल , जुलाई 11 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने वर्ष 2018 में घोषित बढ़े हुए मानदेय की 48 माह की बकाया राशि ब्याज सहित दिलाने तथा अन्य लंबित मांगों को लेकर शनिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन (सीटू) के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन से पूर्व कर्मचारी भवन परिसर में सभा आयोजित की गई। यूनियन के संरक्षक एवं सीटू के जिलाध्यक्ष कुंदन राजपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2018 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन मध्यप्रदेश में लंबे समय तक इसका भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को छह प्रतिशत ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं तथा राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका भी हाल में खारिज हो चुकी है।

प्रदर्शन के बाद डिप्टी कलेक्टर मकसूद अहमद को प्रधानमंत्री, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, मुख्यमंत्री तथा प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन ने केंद्र सरकार के लिए 19 सूत्रीय तथा राज्य सरकार के लिए 25 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया।

ज्ञापन में 48 माह की बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान, पोषण ट्रैकर एप के संचालन के लिए सभी कार्यकर्ताओं को 5जी मोबाइल और पर्याप्त डाटा उपलब्ध कराने, पर्यवेक्षक पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति, सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि सहित विभिन्न मांगें शामिल हैं।

प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की जिला अध्यक्ष सुनीता राजपाल, महासचिव पुष्पा वाईकर तथा अन्य पदाधिकारियों ने किया। आंदोलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल हुईं।

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