हैदराबाद , अक्टूबर 28 -- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बुधवार को तेलंगाना सरकार द्वारा घोषित सूखा प्रभावित मंडलों की सूची को लेकर असंतोष जाहिर किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में बारिश की भारी कमी रही है, उन्हें इस सूची से बाहर रखा गया है, विशेष रूप से करीमनगर संसदीय क्षेत्र के कई इलाकों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

उन्होंने एक बयान में सूखा प्रभावित मंडलों की पहचान के लिए अपनाए गए मानदंडों पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह चयन प्रक्रिया वैज्ञानिक नहीं है। उन्होंने बताया कि जिन मंडलों में बारिश की 35 प्रतिशत तक कमी रही है, उन्हें भी सूची से बाहर छोड़ दिया गया है, जबकि वहां खेत बंजर होने और पेयजल की किल्लत की खबरें सामने आई हैं।

श्री कुमार ने हुस्नाबाद, वेमुलावाड़ा, सिरसिल्ला, मानकंडूर, चोप्पाडंडी और हुजूराबाद निर्वाचन क्षेत्रों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या पूरे राज्य में बारिश के स्तर, फसल के नुकसान, खेती वाले क्षेत्र, मिट्टी की नमी और भूजल की स्थिति का एक समान तरीके से आकलन किया गया था।

उन्होंने मांग की कि सरकार सूखा प्रभावित मंडलों की पहचान के लिए इस्तेमाल किए गए डेटा और वैज्ञानिक मानदंडों को सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी कहा कि सूची से बाहर रखे गए इलाकों के किसानों की शिकायतों की जांच की जानी चाहिए और तय दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र मंडलों को सूची में शामिल किया जाना चाहिए।

इस बात पर जोर देते हुए कि सूखे की घोषणा राजनीतिक विचारों के बजाय जमीनी हकीकत पर आधारित होनी चाहिए, उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सूखा प्रभावित किसानों को उचित राहत दी जाए और गरीबों के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के साथ होने वाले किसी भी अन्याय के गंभीर परिणाम होंगे।

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