कोलकाता , अप्रैल 19 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित कराने में विफल रहने के बाद बंगाल में अपनी पहली रैली में तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के खिलाफ है।
रविवार को बांकुड़ा के बरजोरा-बिष्णुपुर क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि उमड़ती भीड़ 'क्रूर सरकार के खिलाफ गुस्से की अभिव्यक्ति' है। उन्होंने कहा, "भीड़ हर दिन बड़ी होती जा रही है। लोग इस रैली में शामिल होने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। यह लोगों के गुस्से का इज़हार है।"तृणमूल पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भाजपा शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया, "हम देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी चाहते हैं। हम चाहते हैं कि महिलाएं और बेटियां राजनीति में आएं। भाजपा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण चाहती थी, लेकिन तृणमूल ऐसा नहीं चाहती थी, क्योंकि महिलाएं उनके 'महा जंगलराज' को चुनौती दे रही हैं।" उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने और विभाजनकारी नीतियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
श्री मोदी ने कहा, "यह वही तृणमूल है, जो घुसपैठियों को देश में घुसने देती है और धर्म के आधार पर आरक्षण चाहती है। वे घुसपैठियों की बात सुन रहे हैं, कुर्मी समाज की नहीं।" उन्होंने जोड़ा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की टिप्पणियों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में विफल हुए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 का मुद्दा भी उठाया, जिसका उद्देश्य नये परिसीमन अभ्यास के साथ जोड़कर संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना था।
यह विधेयक 17 अप्रैल को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा, जिससे 12 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का प्रस्तावित कोई संवैधानिक संशोधन पारित नहीं हो सका।
इस कानून ने तीखी बहस छेड़ दी थी, जिसमें विपक्षी दलों ने केंद्र पर महिला आरक्षण को विवादास्पद परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का आरोप लगाया था। इस प्रक्रिया के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर चुनाव क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाना है, जिससे लोकसभा की सदस्य संख्या 543 से बढ़कर लगभग 850 होने की संभावना है।
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