कोलकाता , अक्टूबर 30 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर फिर निशाना साधते हुए उन्होंने 2029 का लोकसभा चुनाव डायमंड हार्बर से लड़ने की चुनौती दी और दावा किया कि वह उन्हें 2024 की जीत के अंतर से भी बड़े अंतर से हरायेंगे।

इसके साथ ही श्री अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह दी कि वह अपनी राजनीतिक गतिविधियां दिल्ली ले जायें, क्योंकि पश्चिम बंगाल में उनका कोई भविष्य नहीं है।

दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर स्थित न्यू इंडिया मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि डायमंड हार्बर में अभिषेक की चुनावी जमानत जब्त हो जाये। उन्होंने कहा, "आपको 2029 का चुनाव लड़ना चाहिए। मैं आपको उस अंतर से कम से कम एक वोट ज्यादा से हराऊंगा, जितने अंतर से आप पिछली बार जीते थे। भले ही आपको मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वोट मिल जायें, फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।"गौरतलब है कि श्री बनर्जी ने 2024 में डायमंड हार्बर लोकसभा सीट 7,10,930 वोटों के अंतर से जीती थी, जो देश में जीत के सबसे बड़े अंतरों में से एक है।

श्री अधिकारी ने तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा किया और अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि मुख्य आरोपियों को अंततः जेल जाना ही पड़ेगा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, "जो बड़े चोर हैं, वे पक्का जेल जायेंगे। चिंता मत कीजिए। धैर्य रखें।" उनके ये बयान ऐसे समय में आये हैं जब राज्य की पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार से जुड़े कई नेताओं की गिरफ्तारियां हो रही हैं और जांच चल रही है। हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में इंद्रनील सेन और अजीत महतो जैसे नाम भी सामने आये हैं।

श्री अधिकारी ने माकपा और तृणमूल के बीच बन रही कथित समझदारी पर भी निशाना साधा। माकपा के महासचिव एम.ए. बेबी और सुश्री बनर्जी का जिक्र करते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि "बेबी और आंटी अब साथ बैठकर चाय पी रहे हैं"।

यह टिप्पणी दिल्ली में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के दौरान तृणमूल और वाम दलों के कुछ धड़ों के बीच बनी समान राय की ओर इशारा करती है, खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में। साथ ही, ऐसे आरोप भी लगे हैं कि तृणमूल के संसदीय नेतृत्व के कुछ धड़े और केरल के माकपा नेताओं के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं, जबकि वे पश्चिम बंगाल में अपनी ही पार्टी के राज्य नेतृत्व को दरकिनार कर रहे हैं।

श्री अधिकारी ने दावा किया कि बंगाल में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद तृणमूल और वाम दल लगातार करीब आ रहे हैं। तृणमूल पर एक और तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को राजनीतिक झटका लगा है और वह इससे उबरने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने ममता को चुनावी मैदान में लौटने की चुनौती देते हुए कहा, "अगर हिम्मत है, तो फिर से चुनाव लड़ें। मैं सुश्री बनर्जी को एक बार फिर हराऊंगा।" उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल की राजनीति पर ध्यान देने के बजाय दिल्ली की ओर ज्यादा देख रही हैं। उन्होंने कहा, "आपको दिल्ली चले जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में अब आपके लिए कुछ नहीं बचा है।"मुख्यमंत्री की टिप्पणी को पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को दी गयी श्री बनर्जी की हालिया चेतावनी के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है। तृणमूल नेता ने गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे श्री अधिकारी के इशारे पर काम न करें और झूठे मामलों के जरिए तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना न बनायें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित