कोलकाता , अगस्त 11 -- पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। ज़मीनी स्तर पर जबरन वसूली, अनुशासनहीनता और पार्टी-विरोधी गतिविधियों की बढ़ती शिकायतों के बीच 12 से ज़्यादा ज़िला अध्यक्षों को हटाए जाने की संभावना है।
बंगाल के कई हिस्सों में भाजपा के विस्तार के बाद, इस कदम को संगठन को साफ़-सुथरा बनाने की राज्य इकाई की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी विरोधी और अनैतिक गतिविधियों के आरोपों में 250 से ज़्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को पहले ही निष्कासित किया जा चुका है।
राज्य नेतृत्व को हालांकि, ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि कई ज़िला अध्यक्ष ऐसी गतिविधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। कुछ मामलों में नेतृत्व तक यह बात पहुंची है कि ज़िला अध्यक्षों के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ करीबी संबंध थे, जिन पर उगाही और दूसरी अनियमितताओं के आरोप हैं। इस वजह से अनुशासनात्मक कार्रवाई करना मुश्किल हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, अगर प्रस्तावित बदलाव योजना के मुताबिक होते हैं तो जल्द ही 12 से ज़्यादा ज़िला अध्यक्षों को बदला जा सकता है। इसके बाद 200 से ज़्यादा मंडल अध्यक्षों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल होने की उम्मीद है। तृणमूल कांग्रेस से हाल ही में भाजपा में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं के मामले की भी जांच-पड़ताल हो रही है।रिपाेर्टें हैे कि वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर यह फ़ैसला लिया गया है कि ऐसे लोग जो रातों-रात भाजपा में शामिल हुए हैं और ख़ासकर वे जिन पर गलत आचरण के आरोप हैं उन्हें आने वाले नगर निकाय चुनावों में टिकट नहीं दिया जाएगा।
भाजपा नेतृत्व को इस बात की चिंता है कि कई ज़िलों में, हाल ही में पार्टी में शामिल हुए तृणमूल के पूर्व कार्यकर्ताओं ने पंचायतों और नगर पालिकाओं में काफी प्रभाव बना लिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ इलाकों में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा अपेक्षाकृत कमज़ोर होने के कारण स्थानीय नेताओं को ऐसे नए लोगों पर निर्भर रहना पड़ा। हालांकि, बाद में ऐसी शिकायतें सामने आईं कि उनमें से कुछ लोग कथित तौर पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल डराने-धमकाने और अन्य गतिविधियों में शामिल होने के लिए कर रहे थे।
रिपोर्टाें के अनुसार, राज्य नेतृत्व को उत्तर और दक्षिण 24-परगना, हावड़ा, हुगली और आसनसोल समेत कई इलाकों से शिकायतें मिली हैं।पार्टी के अंदर गुटबाज़ी भी चिंता का विषय बना हुआ है। विरोधी गुटों के बीच मतभेदों के कारण कई ज़िलों, खासकर हावड़ा और हुगली में सार्वजनिक टकराव की स्थिति बनी हुई है। इन घटनाक्रमों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ वर्गों में भी चिंता है। संगठन को मज़बूत करने की कोशिश के तहत, भाजपा 22 से 30 अगस्त के बीच सभी ज़िलों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगी। जो लोग इन शिविरों में शामिल होंगे उन्हें 16 अगस्त को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिव प्रकाश और राज्य प्रभारी सुनील बंसल के शामिल होने की उम्मीद है।
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