कोलकाता , अप्रैल 22 -- चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की हिस्सेदारी कुल निर्वाचकों में केवल 1.12 प्रतिशत है।

कुल 3,60,77,171 मतदाताओं में से केवल 4,05,718 ही पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की श्रेणी में आते हैं। इस चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है। आयु संरचना पर व्यापक नजर डालने से पता चलता है कि मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा 30-39 आयु वर्ग का है। इसमें 88,24,791 मतदाता हैं, जो कुल 3,60,77,171 मतदाताओं का लगभग 24.45 प्रतिशत है। इसके बाद 20-29 आयु वर्ग का नंबर आता है, जिसमें 80,77,420 मतदाता हैं, जो निर्वाचक मंडल का लगभग 22.39 प्रतिशत हिस्सा हैं।

ये दोनों समूह मिलकर कुल मतदाताओं का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। यह दर्शाता है कि राज्य में स्थिर मध्यम आयु वर्ग के मतदाता हैं, जो अगली सरकार बनाने में एक महत्वपूर्ण कारक बन सकते हैं। आम भाषा में कहें तो 20-29 और 30-39 आयु वर्ग की कुल संख्या 1,69,02,211 मतदाता है, जो कुल निर्वाचकों का लगभग 46.84 प्रतिशत है। इसके अलावा, 40-49 और 50-59 आयु वर्ग में क्रमशः 62,20,601 (17.24 प्रतिशत) और 61,88,435 (17.15 प्रतिशत) मतदाता हैं।

जहाँ तक वरिष्ठ नागरिकों का सवाल है, 60 वर्ष से अधिक आयु के 63,60,206 मतदाता हैं और यह कुल निर्वाचकों का लगभग 17.63 प्रतिशत है। आंकड़े आगे बताते हैं कि 2,04,618 मतदाताओं की उम्र 85 वर्ष से अधिक है, जबकि 4,025 मतदाता शतक लगा चुके हैं। लिंग संरचना के मामले में निर्वाचक मंडल में 1,84,99,496 पुरुष मतदाता, 1,75,77,210 महिला मतदाता और 465 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 950 महिलाओं का है।

कुल निर्वाचक-जनसंख्या अनुपात 0.67 है, जो पूरी आबादी में मतदाताओं की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।चुनाव क्षेत्र के आकार के नजरिए से देखें तो विधानसभा क्षेत्रों के एक बड़े बहुमत 139 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या दो लाख से अधिक है, जो अधिकतर क्षेत्रों में उच्च मतदाता घनत्व का संकेत देता है।इसके विपरीत, केवल 13 निर्वाचन क्षेत्र 1.5 लाख से 2 लाख की सीमा में आते हैं, जबकि किसी भी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 1.5 लाख से कम नहीं है। यह इस चरण में आम तौर पर बड़े और प्रतिस्पर्धी मतदाता आधार की ओर इशारा करता है।

चुनाव आयोग ने प्रमुख मतदाता श्रेणियों पर भी नजर डाली है। इनमें 2,53,244 विकलांगजन (पीडब्लूडी), 85 वर्ष और उससे अधिक आयु के 2,04,618 मतदाता और 4,025 सौ वर्षीय मतदाता (100 वर्ष से अधिक) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस चरण के लिए 69,468 सर्विस वोटर और 43 एनआरआई मतदाता पंजीकृत हैं।

मतदान के बुनियादी ढांचे को उसी के अनुसार तैयार किया गया है, जिसमें कुल 44,376 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। इनमें 41,418 मुख्य और 2,958 सहायक बूथ शामिल हैं। इनमें से 5,487 शहरी क्षेत्रों में और 35,931 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।

प्रति मतदान केंद्र पर मतदाताओं की औसत संख्या 813 है। विशेष इंतजामों के तहत 5,644 पूर्णतः महिला संचालित मतदान केंद्र, दो विकलांग संचालित बूथ और 207 आदर्श मतदान केंद्र शामिल हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जायेगी।

चुनाव संपन्न कराने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों में 59,777 बैलट यूनिट (बीयू), 59,980 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 64,466 वीवीपीएटी (वीवीपीएटी) मशीनें तैनात की जायेंगी।

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