कोलकाता , अप्रैल 17 -- पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार अधिकरण से मंजूरी प्राप्त मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

श्री अग्रवाल ने गुरुवार रात मीडिया को बताया कि अधिकरण में 19 न्यायाधीशों द्वारा आवेदनों की जांच की जाएगी और तदनुसार उनका निपटान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम हटा दिए गए थे, अधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची को नौ अप्रैल तक प्रकाशित किया जा चुका है। जिन नामों को 21 अप्रैल तक मंजूरी मिल जाएगी, उन्हें सूची में शामिल कर लिया जाएगा और उन मतदाताओं को उनका मतदान का अधिकार वापस मिल जाएगा। मामलों के निपटान की संख्या पर उन्होंने कहा कि अभी तक डैशबोर्ड नहीं बना है, इसलिए सटीक आंकड़ा देना संभव नहीं है।

श्री अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकरण स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं और वे चुनाव आयोग या सीईओ कार्यालय के अधीन नहीं हैं। अंतिम समय में नाम जोड़ने की चिंताओं पर उन्होंने कहा कि आयोग एक सॉफ्टवेयर सिस्टम पर काम कर रहा है ताकि मंजूरी मिलने के बाद नामों को आसानी से जोड़ा जा सके।

हालांकि, जमीनी स्तर पर काम कर रहे चुनाव अधिकारियों ने इतनी कम समयसीमा में इस निर्देश को लागू करने की व्यवहारिकता पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान की तैयारी में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि मतदान से दो दिन पहले तक नए नाम जोड़ने पड़ सकते हैं, जबकि मतदाता सूची की 'मार्क्ड कॉपी' पांच दिन पहले ही तैयार हो जाती है।

अधिकारी ने प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि मतदान के लिए आवश्यक यह दस्तावेज जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में तैयार होकर चार दिन पहले रिटर्निंग अधिकारियों को भेज दिए जाते हैं। इनमें पोस्टल बैलेट और चुनावी ड्यूटी वाले लोगों की मार्किंग भी होती है। इसके बाद इन्हें ईवीएम और अन्य सामग्रियों के साथ पैक कर दिया जाता है।

अधिकारियों ने सवाल उठाया कि दूर-दराज के इलाकों में, जहाँ पोलिंग पार्टियाँ दो दिन पहले ही निकल जाती हैं, वहां अंतिम समय में अद्यतन की गई सूची कैसे पहुंचाई जाएगी।

इसके अलावा, अधिकारियों ने मतदाता जागरूकता पर भी चिंता जताई कि ग्रामीण क्षेत्रों में पूरक सूची प्रकाशित होने पर मतदाताओं को अपना नाम जांचने में कठिनाई हो सकती है।

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