सिलीगुड़ी , अप्रैल 20 -- पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने सोमवार को मालदा जिले में चुनाव तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों से अधिक शिकायतें मिलेंगी, वहां दोबारा चुनाव कराने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें 152 सीटों पर मतदान होना है।
गौरतलब है कि मालदा जिले को बहुत संवेदनशील माना जा रहा है, खासकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद, जिसके दौरान मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों को स्थानीय लोगों द्वारा बंधक बनाया गया था और उन पर हमला किया गया था। इस जिले में 12 विधानसभा क्षेत्र हैं।
सीईओ ने अपनी यात्रा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया और समग्र कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया।
श्री अग्रवाल ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे बातचीत करना, उनकी शिकायतों और सुझावों को समझना और उन्हें यह बताना था कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा रहा है।
उन्होंने सभी राजनीतिक पक्षों से सहयोग करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि जिन विधानसभा क्षेत्रों से अधिक शिकायतें मिलेंगी, वहां दोबारा चुनाव हो सकते हैं।
श्री अग्रवाल ने सुरक्षा व्यवस्था के बारे में कहा कि मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में केवल केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा और बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिसकर्मी मतदान केंद्रों के बाहर तैनात रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव ड्यूटी में नागरिक स्वयंसेवकों को शामिल नहीं किया जाएगा।
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