ठाकुरनगर , नवंबर 01 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को ठाकुरनगर के ठाकुरबाड़ी के अपने पहले दौरे के दौरान मतुआ समुदाय के कल्याण बोर्ड के लिए 50 करोड़ रुपये, मतुआ महातीर्थ में एक नया मंदिर, ठाकुरनगर के लिए एक अलग नगरपालिका और चांदपारा में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल बनाने का वादा किया। उन्होंने समुदाय को यह भी भरोसा दिलाया कि हर साल लगने वाले 'बारुनी मेले' को धीरे-धीरे राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाया जाएगा।

श्री अधिकारी ने उत्तर 24-परगना के ठाकुरबाड़ी में 'अंतरराष्ट्रीय गोसाई सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार मतुआ समुदाय की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की जिम्मेदारी लेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि समुदाय के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने अनुचित राजनीतिक हथकंडों का इस्तेमाल करके मतुआ समुदाय के बीच फूट डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि वह ठाकुरबाड़ी के भीतर गुटबाजी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

श्री अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही ठाकुरनगर के इस धार्मिक केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्थापित करने की कोशिशें शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा, "उन्हें किसी ने बाहर नहीं निकाला था। उन्होंने खुद ही सुश्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था।"श्री अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि अगर पिछली सरकार को नहीं हटाया जाता, तो पश्चिम बंगाल के सामने 'ग्रेटर बंगलादेश' बनने का खतरा पैदा हो सकता था। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नये मंदिर के बारे में बताया कि उन्होंने इस विषय पर बोंगांव के सांसद और मतुआ महासंघ के अध्यक्ष शांतनु ठाकुर से चर्चा की है। श्री ठाकुर ने जमीन उपलब्ध होने के बावजूद आर्थिक तंगी की चिंता जताई थी, जिसके जवाब में श्री अधिकारी ने घोषणा की कि मतुआ महातीर्थ में तीर्थ केंद्र के ट्रस्ट की धनराशि से एक बड़ा मंदिर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, "एक बार सारी तैयारियां पूरी हो जाएं, तो मैं खुद आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल होऊंगा। प्रधानमंत्री भी आएंगे।"श्री अधिकारी ने बारुनी मेले के बारे में वहां मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार विशेष मदद देगी और धीरे-धीरे इसे एक राष्ट्रीय मेले का रूप देगी। उन्होंने कहा कि मेले से जुड़ी किसी भी कानूनी अड़चन को सुलझाने में सरकार मदद करेगी, ताकि आयोजकों को अकेले इन समस्याओं से न जूझना पड़े। उन्होंने श्रावणी मेले और तारकेश्वर की वार्षिक तीर्थयात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि बारुनी मेले के विस्तार के लिए भी इसी तरह के इंतजाम किए जाएंगे।

ठाकुरनगर नगरपालिका बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग भी एजेंडे में शामिल थी। श्री अधिकारी ने कहा कि इसके गठन के लिए राज्य के अगले बजट में धन आवंटित किया जाएगा और इस परियोजना को चरणों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी वादा किया कि इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए चांदपारा में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा। उन्होंने समुदाय को भरोसा दिलाते हुए कहा, "मैं आपका सेवक हूं और आपकी सेवा करता रहूंगा।" उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूर मिलेगा।

इन घोषणाओं का वहां मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री के तौर पर मतुआ समुदाय के गढ़ में अधिकारी की यह पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने नागरिकता और कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास और समुदाय की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने का भी वादा किया।

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