सिलीगुड़ी , अक्टूबर 17 -- पश्चिम बंगाल के डुआर्स और अलीपुरद्वार क्षेत्र के चाय बागानों में 20 प्रतिशत दुर्गा पूजा बोनस न मिलने और प्रबंधन द्वारा बागानों को छोड़े जाने के कारण हजारों श्रमिकों की दुर्गा पूजा फीकी पड़ गई है।

कई बागान प्रबंधन बोनस का भुगतान करने में विफल रहे हैं, जिसके चलते मजदूर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और सड़कें जाम कर रहे हैं। अलीपुरद्वार जिले के भरणाबारी टी एस्टेट में स्थिति गंभीर हो गई। शनिवार सुबह चाय बागान मजदूरों के नेताओं और स्थानीय समाजसेवियों के साथ मिलकर मजदूरों ने हासीमारा थाना के बाहर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रबंधन बिना बोनस दिए ही बागान छोड़कर चला गया है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार शुक्रवार रात करीब 9 बजे प्रबंंधक और अन्य कर्मचारी सदस्य परिसर में ताला लगाकर चले गए। इस एस्टेट में लगभग 1.75 करोड़ रुपये का बोनस अभी भी बकाया है। मजदूर नेता गौतम ने स्थानीय सांसद विशाल लामा से अपील की है कि वे हस्तक्षेप करें और बकाया बोनस का भुगतान सुनिश्चित करवाएं।

सांसद लामा ने कहा, "प्रशासन ने प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कई प्रबंधकों को हिरासत में लिया गया है। जो बागान मालिक बोनस का भुगतान न करने के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।" यह असंतोष हंतापाड़ा, गैरागंडा, डुमचीपाड़ा, बीरपाड़ा, डेमडिमा, नागेशुरी और किलकोट सहित कई चाय बागानों में फैल गया है। डेमडिमा में मजदूरों ने फैक्ट्री गेट के बाहर धरना दिया, जबकि अन्य बागानों से भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें आई हैं। मजदूर राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित 20 प्रतिशत बोनस की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कुछ प्रबंधन द्वारा बोनस की राशि किश्तों में देने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

इससे पहले अलीपुरद्वार के सांसद मनोज तिग्गा ने प्रशासन के साथ बैठक की थी और बागान प्रबंधन से आग्रह किया था कि वे विवाद सुलझाने के लिए स्थानीय मजदूर प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करें। कई एस्टेट में हालांकि अभी भी गतिरोध बना हुआ है।

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