बहरामपुर , जुलाई 26 -- बंगाल पुलिस ने रविवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के नेता और पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर के करीबी सहयोगी सलीम शेख को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मुर्शिदाबाद में आयोजित एक रैली में राजनीतिक विरोधियों को कथित रूप से धमकाने वाले विधायक कबीर के विवादित भाषण की जांच के सिलसिले में की गई है।

मुर्शिदाबाद ज़िले के शक्तिपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले नबाग्राम में एजेयूपी नेता सलीम शेख को उनके घर से शनिवार देर रात गिरफ़्तार किया गया। रविवार को उन्हें पुलिस रिमांड की मांग के साथ बहरामपुर ज़िला अदालत में पेश किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेख शक्तिपुर में हुई उस जनसभा में मौजूद थे, जहां विधायक कबीर ने कथित रूप से भड़काऊ बयान दिए थे। इन बयानों से बड़े पैमाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और पुलिस जांच शुरू हुई। यह विवाद रेजीनगर इलाके के काशीपुर में हुई एक जनसभा से शुरू हुआ, जहां विधायक ने कथित रूप से भाजपा नेताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में पार्टी के चुनावी प्रदर्शन के बावजूद उन्हें अहंकार नहीं दिखाना चाहिए।

अपने भाषण के दौरान श्री कबीर ने कथित रूप से कहा कि अगर उन्होंने मुसलमानों को एकजुट करके हमला किया तो उनके विरोधियों को भागने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा। इन बयानों पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुईं और भाजपा ने विधायक पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। उनके भाषण के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में श्री कबीर को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसे भड़काऊ बयान देने की इजाज़त नहीं दी जाएगी जिनसे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है।

इसके तुरंत बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले ही विवादित बैठक के तीन आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया था। जांचकर्ताओं ने श्री कबीर को कई बार पुलिस स्टेशन बुलाया और उनसे उनके भाषण की बातों और रैली से जुड़े हालात के बारे में घंटों तक पूछताछ की। जांच के सिलसिले में अधिकारी विधायक के घर भी गए।

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