, Oct. 31 -- नयी दिल्ली 31 अक्टूबर वार्ता बिम्सटेक के सात सदस्य देश बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग मजबूत करने के लिए पहला संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास कर रहे है।
रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को शुरू हुआ यह अभ्यास तीन नवंबर तक चलेगा। इसमें बग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
यह अभ्यास बिम्सटेक के छठे शिखर सम्मेलन के परिणामों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक व्यावहारिक पहल है। छठे शिखर सम्मेलन का विषय 'समृद्ध, सुदृढ़ और खुला बिम्सटेक' था। इस अभ्यास के माध्यम से सदस्य देश समुद्री हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। यह व्यापार, संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाती है। इस अभ्यास के तहत सदस्य देशों के बीच संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता बढ़ाने, समुद्री गतिविधियों की निगरानी मजबूत करने, आपसी तालमेल सुधारने और बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस अभ्यास में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के रणनीतिक महत्व और अंडमान एवं निकोबार कमान की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। यह भारत की पहली एकीकृत त्रि-सेवा कमान है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के पास इसकी स्थिति और समुद्री निगरानी, मानवीय सहायता, आपदा राहत, खोज एवं बचाव तथा क्षेत्रीय सहयोग की क्षमताएं इसे बंगाल की खाड़ी की समुद्री सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बनाती हैं।
पहले संयुक्त अभ्यास के माध्यम से बिम्सटेक देशों ने सुरक्षित, खुले और समावेशी समुद्री क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है। यह पहल साझा समुद्र, साझा सुरक्षा और साझा समृद्धि की भावना को दर्शाती है। साथ ही, क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सतत विकास के लिए सदस्य देशों के सामूहिक सहयोग को सामने लाती है।
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