हैदराबाद , नवंबर 01 -- दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव पिछले छह घंटों के दौरान 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की पूरी संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि रविवार सुबह 5:30 बजे यह दक्षिण-पूर्वी और उससे सटी दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था।
यह प्रणाली 11.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.4 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास स्थित थी। यह चेन्नई से लगभग 700 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, विशाखापत्तनम से 770 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 770 किलोमीटर दक्षिणपूर्व और ओंगोल से 810 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में थी।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसके अगले छह घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और दक्षिण-पश्चिमी तथा उससे सटी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके बाद दो नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है।
इसके लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए तीन नवंबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने अपनी दैनिक मौसम रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि तीन नवंबर को तेलंगाना में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ अन्य स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राज्य में दो और चार नवंबर को कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
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