सिलीगुड़ी , अक्टूबर 12 -- पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्कूली बच्चों की छोटी-छोटी बचत उन लोगों के लिए दुर्गा पूजा का एक दिल छू लेने वाला उपहार बन गई, जो पर्दे के पीछे रहकर उनके स्कूल को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं।

सोमवार को करीब 650 छात्रों ने अपने शिक्षकों के साथ मिलकर विद्यालय के मध्याह्न भोजन रसोइयों, सहायकों, सफाईकर्मियों और आसपास रहने वाले अन्य जरूरतमंदों के बीच नए कपड़े बांटे। उपहार पाने वाले लगभग 50 लोगों में बच्चे और बुजुर्ग महिलाएं शामिल थीं।

मालदा शहर के ललित मोहन श्याम मोहिनी प्राथमिक विद्यालय की यह पहल बच्चों को सिखाई गई एक सहज सीख को दर्शाती है कि त्योहार की खुशी तब और बढ़ जाती है, जब उसे दूसरों के साथ साझा किया जाए।

कपड़े खरीदने के लिए छात्रों ने अपने टिफिन के पैसों से छोटी-छोटी बचत की थी। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल में सहयोग किया, जिससे बच्चों की यह बचत एक सामूहिक प्रयास में बदल गई।

चौथी कक्षा के छात्र प्रियांक सरकार ने कहा, "हम दुर्गा पूजा की खुशी उन लोगों के साथ बांटना चाहते थे, जो हर दिन हमारे लिए काम करते हैं। अपनी छोटी-सी बचत से उनकी मदद कर बहुत अच्छा लग रहा है।"विद्यालय के सहायक शिक्षक पार्थ प्रधान ने कहा कि इस पहल का मकसद बच्चों को छोटी उम्र से ही दयालुता, मिल-बांटकर रहने और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार सिखाना था।

त्योहार से पहले नए कपड़े पाकर उपहार प्राप्त करने वाले लोग बेहद खुश नजर आए। वहीं इन छोटे-छोटे विद्यालयी बच्चों के लिए उनकी यही मुस्कान इस पहल का सबसे बड़ा संतोष और पुरस्कार थी।

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