कोलकाता , फरवरी 26 -- चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर नामांकन प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र में एक केन्द्रीय पर्यवेक्षक तैनात करेगा।

मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ), पश्चिम बंगाल के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि ये पर्यवेक्षक केन्द्र सरकार की सेवाओं अथवा पश्चिम बंगाल के बाहर के राज्य कैडर से लिए जाएंगे, ताकि नामांकन के महत्वपूर्ण चरण में निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों के अनुसार आयोग देशभर में 1,444 अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद इन्हें विभिन्न चुनावी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में तैनात किया जाएगा। इनमें से 294 अधिकारियों को विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों के लिए नामांकन चरण की निगरानी हेतु चिह्नित किया गया है।

सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह निर्णय पिछले चुनावों के दौरान नामांकन अवधि में हिंसा और धमकाने की शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अधिकांश शिकायतें मतदाताओं, विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और मतदान अभिकर्ताओं को धमकाने से संबंधित थीं। साथ ही यह आरोप भी लगे थे कि उस समय तैनात केन्द्रीय बलों का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा था।

इन चिंताओं को दूर करने के लिए आयोग ने निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने की तिथि से ही निर्वाचन क्षेत्र-वार पर्यवेक्षक प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।

पर्यवेक्षकों को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) सहित सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रभावी उपयोग की निगरानी का अधिकार दिया जाएगा, विशेष रूप से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान।

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि "तार्किक विसंगतियां" श्रेणी में न्यायिक जांच के अधीन मामलों को छोड़कर राज्य की अंतिम मतदाता सूची शीघ्र प्रकाशित की जाएगी। लंबित मामलों के निस्तारण के बाद पूरक सूची जारी की जाएगी।

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