कोलकाता , अक्टूबर 06 -- पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद मंगलवार को पुनर्मतदान की मांग ने जोर पकड़ लिया है। तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और आम उन्नयन जनता पार्टी ने मतदान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

मुर्शिदाबाद जिला चुनाव कार्यालय के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक रेजीनगर सीट पर 69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने कई बूथों पर धांधली का दावा करते हुए फिर से चुनाव कराने की मांग की है।

कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल्ला हिल काफी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने रेजीनगर थाने के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में "वोट लूट" के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों के साथ मारपीट की गई और वाम मोर्चा के सहयोग से भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने दादपुर, श्यामसुंदरी चौक और मराडीघी के बूथों पर कब्जा कर लिया।

दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने और बिना अनुमति पोलिंग बूथों में प्रवेश करने के आरोप में पूर्व विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कबीर न तो उम्मीदवार थे और न ही पोलिंग एजेंट, इसलिए नियम उल्लंघन के तहत उन पर यह कार्रवाई की गई। कबीर पर इससे पहले पुलिसकर्मियों को धमकाने का भी आरोप था।

ऋतब्रत बनर्जी गुट के तृणमूल उम्मीदवार शफीउज्जमां शेख ने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को कई बूथों से हटा दिया गया और वहां केवल भाजपा के एजेंट मौजूद थे। वहीं, भाजपा उम्मीदवार शखरव सरकार ने आरोप लगाया कि उन्हें केंद्रीय बलों द्वारा बूथों का निरीक्षण करने से रोका गया।

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