कोलकाता , अक्टूबर 27 -- पश्चिम बंगाल में बिना मेडिकल डिग्री के डॉक्टरी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक विचाराधीन कैदी की मंगलवार सुबह बारुईपुर उप-विभागीय अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने पुलिस पर हिरासत में प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है।

मृतक की पहचान बारुईपुर के बेटबेरिया निवासी वासुदेव नस्कर के रूप में हुई है। उसे कुछ दिन पहले दो अन्य लोगों के साथ बिना वैध प्रमाण पत्र के डॉक्टरी का पेशा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेजकर बारुईपुर संशोधनागार (जेल) में रखा गया था।

मृतक की पत्नी सोनाली नस्कर के अनुसार, उसे अपने पति की बीमारी या अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बारे में पुलिस से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। उसने बताया कि वह सोमवार को अपने पति से मिलने संशोधनागार गई थी, लेकिन वहां बताया गया कि उसे बारुईपुर उप-विभागीय अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंन आरोप लगाया कि जब वह अस्पताल पहुंची तो उसने अपने पति को बिस्तर पर हाथ-पांव बंधे हुए पाया। वह उसे देखकर घर लौट आई और मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे दोबारा अस्पताल पहुंची, जहां उसे पति की मौत की जानकारी दी गई।

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