कोलकाता , मई 15 -- पश्चिम बंगाल में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पूर्व मंत्री रथिन घोष सार्वजनिक वितरण और नगर पालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए शुक्रवार सुबह साल्ट लेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री घोष इससे पहले केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी किये गये पिछले पांच समन में शामिल नहीं हुए थे। शुक्रवार को वह सुबह करीब 11 बजे सीजीओ कॉम्प्लेक्स में दाखिल हुए।

कार्यालय में प्रवेश करने से पहले पत्रकारों से संक्षिप्त बात करते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वह समन के पीछे के सटीक कारणों के बारे में अनिश्चित हैं। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि उन्होंने मुझे क्यों बुलाया है।"ईडी ने हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले श्री घोष को कई नोटिस जारी किए थे। हालांकि, वह अपने चुनाव अभियान से जुड़ी प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पहले के पूछताछ सत्रों में शामिल नहीं हुए थे।

इन चुनावों में श्री घोष उत्तर 24 परगना में तृणमूल के टिकट पर मध्यमग्राम सीट बरकरार रखने में सफल रहे। यह 2011 के बाद से इस निर्वाचन क्षेत्र से उनकी लगातार चौथी जीत है।

इस सप्ताह के शुरू में, तत्कालीन तृणमूल सरकार के एक अन्य पूर्व मंत्री सुजीत बोस को नगर पालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।

पूर्व में दमकल सेवा मंत्री के रूप में कार्य कर चुके श्री बोस को साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में लगभग दस घंटे की पूछताछ के बाद 11 मई की देर रात हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें 21 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

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