ढाका , अप्रैल 03 -- बांगलादेश में खसरे का प्रकोप तेजी से बढ़ने से अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। देश के हर जिले में यह संक्रमण फैल चुका है और बच्चों की मौत के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक कम से कम 42 बच्चों की जान जा चुकी है। अगर जिला और निजी अस्पतालों के आंकड़े जोड़ें, तो यह संख्या 46 या उससे भी ज्यादा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में ही संक्रमण के 685 नए मामले सामने आए हैं और चार बच्चों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह बीमारी अब दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच गई है, जिससे अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया है। अकेले महाखाली के अस्पताल में 21 बच्चों की मौत हुई है। सबसे चिंता की बात यह है कि संक्रमित होने वाले ज्यादातर बच्चे नौ महीने से कम उम्र के हैं, जिन्हें आमतौर पर टीका नहीं लगा होता।
खतरे को देखते हुए कई माता-पिता ने बच्चों को स्कूल या डे-केयर भेजना बंद कर दिया है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिन बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित