गोरखपुर , जुलाई 11 -- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का जोर मुख्य मार्गों को फोरलेन में परिवर्तित करने के साथ ही गांव के टोलों तक की कनेक्टिविटी बेहतर करने पर है। इसकी बानगी शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों गोरखपुर को मिले 758 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात में देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने जिन 24 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, उनमें 21 कार्य सड़क निर्माण और मार्गों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित हैं। इन कार्यों से मुख्य मार्गों से गांव की गलियों तक आवागमन और भी सुगम होगा।

योगी के नौ वर्ष से अधिक के कार्यकाल में फोरलेन सड़कों की विस्तृत श्रृंखला तैयार हुई है। इस दृष्टिकोण से गोरखपुर, रोड कनेक्टिविटी की नई ऊंचाई को छू रहा है। यहां के सभी वाह्य मार्ग फोरलेन में चौड़ीकृत हो गई हैं तो आंतरिक मार्गों में इसका जाल बिछा है। अभी कई मार्गों को फोरलेन में परिवर्तित करने की परियोजना गतिमान है। फोरलेन सड़कों की सूची में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और मार्ग को शामिल कर दिया।

उन्होंने 11.6 किमी लंबे भटहट-बांसस्थान मार्ग पर करीब 690 करोड़ रुपये की लागत से बनी फोरलेन सड़क जनता को समर्पित कर आवागमन और जीवन सुगमता को रफ्तार दी। इस फोरलेन से आमजन के अलावा, आयुष विश्वविद्यालय में आयुष चिकित्सा पद्धतियों से इलाज का लाभ लेने वाले दूरदराज से आने वाले लोगों को भी मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि भटहट-बांसस्थान फोरलेन मार्ग पर ही राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। यह सड़क आयुष चिकित्सा का महत्व बढ़ाने में भी योगदान देने वाली होगी। एक तरफ जहां मुख्य मार्गों को फोरलेन कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है, वहीं ग्रामीण सड़कों और गांव के आंतरिक मार्गों को भी आवागमन के लिहाज से बेहतरीन बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को जिन पांच सड़कों का लोकार्पण किया उनमें से फोरलेन के अलावा अन्य चार सड़कें पिपराइच विधानसभा के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को काफी सहूलियत मिल जाएगी। लोकार्पण के अलावा जिन 19 कार्यों का शिलान्यास हुआ, उनमें से 16 कार्य गांव और गांव की गलियों तक संपर्क मार्गों को निखारने की हैं। जबकि, तीन कार्य ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति देने वाले हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित